सुरक्षित भोजन परोसें प्रोजेक्ट के तहत 1 हज़ार स्ट्रीट फूड विक्रेता होंगे प्रशिक्षित : कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्ट्रीट फूड विक्रेताओं द्वारा ग्राहकों को सुरक्षित और स्वच्छ भोजन परोसने के बारे में प्रशिक्षित करना – संजय खजूरिया

by

ऊना, 12 सितम्बर – स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को सुरक्षित भोजन परोसने का प्रशिक्षण देने हेतू ऊना में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम नेस्ले और हिमाचल प्रदेश राज्य खाद्य सुरक्षा विभाग के संयुक्त तत्वधान में आयोजित किया गया। नेस्ले इंडिया के कॉरपोरेट अफेयर्स और सस्टेनेबिलिटी के निदेशक, संजय खजूरिया ने कहा कि “नेस्ले इंडिया में, हम अपने उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षा से परे जाकर भारत में खाद्य सुरक्षा वातावरण में सुधार का समर्थन कर रहे हैं। प्रोजेक्ट सर्व सेफ फूड, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा प्रथाओं पर प्रासंगिक प्रशिक्षणों के माध्यम से स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को उनके कौशल को उन्नत करके सशक्त बनाता है। इससे खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के मानकों के महत्व को बढ़ाने पर उनकी जागरूकता में सुधार करने में सहायता मिलती है।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्ट्रीट फूड विक्रेताओं द्वारा ग्राहकों को सुरक्षित और स्वच्छ भोजन परोसने के बारे में प्रशिक्षित करना है। हिमाचल प्रदेश में सुरक्षित भोजन परोसें प्रोजेक्ट के भौगोलिक फूटप्रिंटस का विस्तार करते हुए नेस्ले इंडिया द्वारा ऊना में 1 हज़ार से अधिक स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को प्रशिक्षित करने हेतू एफडीए, हिमाचल प्रदेश और नेशनल एसोसिएशन ऑफ स्ट्रीट वेंडर्स ऑफ इंडिया (छ।ैटप्) के साथ सहयोग किया है। यह परियोजना 1 हज़ार स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता, सुरक्षित भोजन प्रबंधन, अपशिष्ट निपटान और डिजिटल भुगतान पर प्रशिक्षित करेगी। नेस्ले इंडिया अपने सुरक्षित भोजन परोसें प्रोजेक्ट के तहत सात वर्षों से अधिक समय से देश भर में स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को प्रशिक्षित करने का काम कर रही है।
कार्यक्रम प्रमुख, एनएएसवीआई संगीता सिंह ने कहा कि हमारा लक्ष्य पूरे भारत में स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को खाद्य स्वच्छता और सुरक्षा पर प्रशिक्षण देकर रणनीतिक रोजगार के अवसरों में प्रवेश करने में सक्षम बनाना है। प्रोजेक्ट सर्व सेफ फूड ने देश भर में हज़ारों स्ट्रीट फूड विक्रेताओं की मदद की है। इससे उनकी आजीविका में भी सुधार होगा।
उन्होंने बताया कि सुरक्षित भोजन परोसें प्रोजेक्ट के तहत वर्ष 2016 से 25 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 41 हज़ार से अधिक स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को लाभान्वित किया है। उन्होंने बताया कि असम, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, छत्तीसगढ़, दिल्ली, गोवा, गुजरात, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मेघालय, उड़ीसा, पुडुचेरी, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना व उत्तर प्रदेश में प्रशिक्षण आयोजित किए गए हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग, ऊना के सहायक आयुक्त, जगदीश धीमान ने बताया कि हमें अपने शहर की विविध स्ट्रीट फूड संस्कृति पर बहुत गर्व है। हमारे स्ट्रीट फूड विक्रेताओं ने इस विविधता और संस्कृति को जीवित रखा है। उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट सर्व सेफ फूड स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को कुशल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

हिमाचल में 12 साल पहले बड़े पुलों-सुरंगों की कल्पना भी मुश्किल थी… अब बदल रही तस्वीर : जेपी नड्डा

एएम नाथ । शिमला : केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, रसायन एवं उर्वरक मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने शनिवार को शिमला जिले के शोघी में आयोजित...
article-image
हिमाचल प्रदेश

ऊना में दो साल में बनेगा 300 बिस्तर वाला पीजीआई अस्पताल, टेंडर प्रक्रिया आरंभ

ऊना : 17 सितंबरः 500 करोड़ रुपए की लागत से ऊना के मलाहत में बनने जा रहे पीजीआई अस्पताल के लिए टेंडर प्रक्रिया आरंभ कर दी गई हैं। पीजीआई ने 6 अक्तूबर 2022 तक...
हिमाचल प्रदेश

देहरा में कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य में शहीदों को दी श्रद्धांजलि

देहरा 26 जुलाई: उपमंडल अधिकारी देहरा शिल्पी बेक्टा की अध्यक्षता में आज बुधवार को कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य में शहीदों को नमन किया गया । इस मौके पर शपथ लेते हुए कहा की...
article-image
हिमाचल प्रदेश

रामलीला ग्राउंड बसाल में हिमाचल दिवस समारोह के आयोजन की तैयारियों जोरो पर

ऊना 11 अप्रैल – जिला स्तरीय हिमाचल दिवस समारोह के सफल आयोजन को लेकर आज उपायुक्त, ऊना राघव शर्मा ने समारोह स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने समारोह स्थल पर चल रही तैयारियों का जायजा...
Translate »
error: Content is protected !!