गढ़शंकर, 12 मार्च : आज विधानसभा की ओर मार्च करने के आह्वान पर डीटीएफ नेताओं सुखदेव डांसीवाल, विनय कुमार, करनैल सिंह खानपुर और सतपाल सिंह के नेतृत्व में गढ़शंकर के बड़ी संख्या में शिक्षक आज चंडीगढ़ के लिए रवाना हुए। उनका उद्देश्य 2010 से पूर्व के शिक्षकों को सेवा में बनाए रखने के लिए अनिवार्य रूप से लागू किए गए टेट को रद्द कराना और 1 सितंबर, 2025 के सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार पदोन्नति के लिए अनिवार्य रूप से लागू किए गए टेट को रद्द कराना है। इस दौरान विभिन्न शिक्षक नेताओं मुकेश कुमार, सोम नाथ, चंद्र शेखर, भूपिंदर सिंह, बलजीत सिंह बोड़ा, अश्वनी कुमार राणा, जगदीप कुमार और खुशविंदर कौर ने कहा कि पिछले महीने की 22 तारीख को पंजाब के सभी शिक्षक संगठनों ने जबरन थोपी गई टेट परीक्षा के खिलाफ आनंदपुर साहिब में एक विशाल प्रदर्शन किया था, जिस पर शिक्षा मंत्री ने बैठक बुलाई थी, लेकिन बैठक में शिक्षा मंत्री ने कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया, जिसके कारण पंजाब के सभी शिक्षक संगठनों को संघर्ष का मार्ग अपनाना पड़ा। शिक्षक नेताओं ने पंजाब सरकार से मांग की कि शिक्षकों की सेवा की रक्षा के लिए पंजाब विधानसभा के चल रहे सत्र में जबरन थोपी गई टेट परीक्षा के खिलाफ एक विधेयक/प्रस्ताव पारित किया जाए, प्राकृतिक न्याय के विरुद्ध इस निर्णय को रद्द किया जाए और सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर की जाए। इस समय जसवीर सिंह, जसविंदर सिंह, रमेश मलकोवाल, संजीव कुमार, इकबाल सिंह, संदीप सिंह, नरिंदर सिंह, संदीप कुमार और बलविंदर सिंह आदि मौजूद थे।
