हिमाचल में 13 जुलाई तक भारी बारिश का येलो अलर्ट

by

शिमला : हिमाचल प्रदेश में अगले एक सप्ताह तक मानसून के सक्रिय रहने के आसार हैं। मौसम विभाग ने 13 जुलाई तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी वर्षा का येलो अलर्ट जारी किया है।

मंगलवार को कुछ स्थानों पर भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया था, लेकिन मानसून की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी रही और प्रदेश के किसी भी हिस्से से भारी वर्षा की सूचना नहीं मिली। मौसम विभाग का कहना है कि बारिश की गतिविधियां कमजोर जरूर पड़ी हैं, लेकिन अगले दिनों में भारी बारिश का खतरा बना हुआ है और लोग नदी-नालों से दूरी बनाए रखें तथा सतर्क रहें।

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई। सबसे अधिक 5 सेंटीमीटर वर्षा कांगड़ा जिले के गुलेर में रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा शिमला जिले के सराहन में 3 सेंटीमीटर, मंडी के सुंदरनगर में 3 सेंटीमीटर, हमीरपुर के नादौन और सुजानपुर टीहरा में 2-2 सेंटीमीटर, बिलासपुर के काहू में 2 सेंटीमीटर, किन्नौर के वांगटू में 2 सेंटीमीटर और सिरमौर के नाहन में 1 सेंटीमीटर वर्षा हुई। शिमला, मंडी के स्लैपर और जोगिंद्रनगर, सोलन के धर्मपुर, बिलासपुर के आरएल बीबी, शिमला के शिमला एयरपोर्ट तथा सिरमौर के पच्छाद में भी 1-1 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। कई स्थानों पर गरज के साथ बिजली चमकने की घटनाएं भी दर्ज हुईं।

राजधानी शिमला में मंगलवार पूरे दिन बादल छाए रहे। बीच-बीच में हल्की बूंदाबांदी होती रही, जिससे मौसम सुहावना बना रहा। निचले और मैदानी इलाकों में भी दिन भर बादलों का डेरा रहा। कई स्थानों पर हल्की बारिश हुई, हालांकि कहीं भी तेज बारिश देखने को नहीं मिली।

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक सोभित कटियार ने बताया कि प्रदेश में बारिश का सिलसिला अगले एक सप्ताह तक रुक-रुक कर जारी रहने की संभावना है। उनके अनुसार इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य समय से पांच दिन की देरी से हिमाचल पहुंचा। प्रदेश में मानसून सामान्य रूप से 25 जून तक पहुंच जाता है, लेकिन इस वर्ष इसका प्रवेश 30 जून को हुआ। इसके बाद एक जुलाई से मानसून लगातार सक्रिय बना हुआ है और लगभग हर दिन प्रदेश के किसी न किसी जिले में भारी बारिश दर्ज की गई है।

उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में भी मानसून सक्रिय रहेगा और कई क्षेत्रों में तेज बारिश हो सकती है। इसी कारण लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, अचानक जलस्तर बढ़ने और संवेदनशील स्थानों पर जाने से बचने की जरूरत है।

कटियार ने बताया कि एक जून से पांच जुलाई के बीच प्रदेश में सामान्य रूप से 136 मिलीमीटर वर्षा होनी चाहिए थी, जबकि इस अवधि में 115 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। यह सामान्य से 16 प्रतिशत कम है। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों में वर्षा की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है, जिससे बारिश की कमी कुछ हद तक पूरी हो सकती है।

 

 

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
दिल्ली , पंजाब , राष्ट्रीय , समाचार , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

DC व SSP की मौजूदगी में चब्बेवाल में फ्लैग मार्च :  कुल 159432 वोटर, 83704 पुरुष, 75724 महिलाएं और 4 ट्रांसजैंडर वोटर- 20 नवंबर को मतदान वाले दिन जिले में रहेगी छुट्टी

होशियारपुर, 18 नवंबरः डिप्टी कमिश्नर-कम-जिला निर्वाचन अधिकारी कोमल मित्तल ने बताया कि विधान सभा क्षेत्र 044 चब्बेवाल के उप चुनाव के लिए जिला प्रशासन की ओऱ से जरुरी तैयारियां व प्रबंध मुकम्मल किए जा...
article-image
दिल्ली , पंजाब , राष्ट्रीय , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

भगवान वाल्मीकि पर टिप्पणी का मामला : आज तक की एंकर अंजना ओम कश्यप और ग्रुप चेयरमैन अरुण पुरी के खिलाफ पंजाब में केस दर्ज

चंडीगढ़ : भगवान वाल्मीकि जी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर आज तक न्यूज़ चैनल की एंकर और मैनेजिंग एडिटर अंजना ओम कश्यप, इंडिया टुडे ग्रुप के चेयरमैन और एडिटर-इन-चीफ अरुण पुरी और...
article-image
हिमाचल प्रदेश

प्राचीन संस्कृति को संरक्षित रखना हम सभी का कर्तव्य : कुलदीप सिंह पठानिया

बद्दी में शिव नुआला और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कहा, शिव नुआला गद्दी समुदाय की एक प्राचीन और अनूठी धार्मिक परंपरा विधानसभा अध्यक्ष ने की आयोजन समिति को 1.51 लाख रुपए देने की घोषणा एएम...
article-image
हिमाचल प्रदेश

संस्कृत भाषा की रक्षा, संरक्षण एवं संवर्धन करना हमारा नैतिक उत्तरदायित्व – राजिन्द्र गर्ग

बिलासपुर 12 मार्च – खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजिन्द्र गर्ग ने राजकीय संस्कृत महाविद्यालय डंगार में पुरस्कार वितरण एवं महाविद्यालय अधिग्रहण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। उन्होंने...
Translate »
error: Content is protected !!