होशियारपुर : भाषा विभाग, पंजाब की गाइडेंस में, जिला भाषा कार्यालय , होशियारपुर और कपूरथला द्वारा मिलकर किए गए प्रयासों से गवर्नमेंट कॉलेज, होशियारपुर में अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस को समर्पित समागम का आयोजन किया गया। इस दौरान समागम में डॉ. लखविंदर जोहल वतौर चीफ गेस्ट और डॉ. कुलदीप दीप वतौर स्पेशल गेस्ट शामिल हुए। समागम की शुरुआत डिपार्टमेंटल म्यूजिक से हुई।
जिला भाषा ऑफिसर जसप्रीत कौर ने मेहमानों का स्वागत किया। बाद में, तवन्नुम कवि दरबार में मौजूद कवि हरदयाल होशियारपुरी, सुरिंदर कांगवी, प्रो. मलकीत जौरा, अंजू वी. रत्ती और शाहबाज खान ने अपनी आवाज़ के हुनर से अपनी रचनाएं गाकर ऐसा जादू बिखेरा कि सुनने वाले झूम उठे। इसके बाद, मशहूर सिंगर और कवि देबी मखसूसपुरी, जो इसी कॉलेज की स्टूडेंट रही हैं, ने डॉ. कुलदीप चौहान के साथ रू-ब-रू किया। इस इवेंट को डॉ. कुलदीप चौहान ने कंडक्ट किया। देबी मखसूसपुरी ने अपने कॉलेज की यादें, साहित्यिक सफर और रचनाएं दर्शकों के साथ शेयर कीं और अपने गीतों के काव्य छंदों के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि भाषा और संस्कृति के प्रति प्रेम और शब्द साधना के लिए कड़ी मेहनत से ऐसे मुकाम हासिल किए जा सकते हैं। डॉ. लखविंदर जोहल और डॉ. कुलदीप दीप ने मातृभाषा की ऐतिहासिक विरासत पर अपने विचार शेयर किए और कहा कि भाषा को जिंदा रखना बहुत जरूरी है। क्योंकि भाषा ही संस्कृति की जड़ है। उन्होंने मातृभाषा के महत्व, सामने आने वाली चुनौतियों और सार्थक प्रयासों से इसके प्रचार और प्रसार पर अपने विचार पेश किए। बाद में देबी मखसूसपुरी, कवियों, डॉ. जोहल, डॉ. कुलदीप दीप, प्रिंसिपल गगनदीप चीमा और कॉलेज के छात्रों को डिपार्टमेंट की किताबों के सेट और मेडल देकर सम्मानित किया गया। प्रिंसिपल डॉ. गगनदीप चीमा ने धन्यवाद दिया।
इवेंट में स्टेज मैनेजर की भूमिका डॉ. जसवंत राय रिसर्च ऑफिसर ने निभाई। इस मौके पर भाषा विभाग, पंजाब द्वारा प्रकाशित साहित्य पुस्तकों की एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई। कार्यक्रम में गगनदीप सिंह, मुनीश कुमार, डॉ. विजय कुमार, प्रो. रणजीत सिंह, डॉ. संवल धामी, प्रो. हरजिंदर अमन, डॉ. रंजना, डॉ. सुखदीप कौर और छात्र मौजूद थे।
