चंडीगढ़/अंबाला. हरियाणा के अंबाला में शंभू बॉर्डर पर बैठे किसान अब दिल्ली जाएंगे. छह दिसंबर को किसान दिल्ली कूच करेंगे. हालांकि, राहत की बात है कि किसान ट्रैक्टर और ट्राली लेकर दिल्ली नहीं जाएंगे। उधर, अब अंबाला पुलिस ने भी शंभू बॉर्डर के पास से 9 महीने बाद बैरिकेड्स हटा दिए हैं।
दरअसल, 13 फरवरी को किसान आंदोलन शुरू हुआ था और पंजाब के किसान दिल्ली जाने के लिए घर से निकले थे. हालांकि, हरियाणा के बॉर्डर्स पर इन्हें रोक लिया गया था और तब से किसान यहीं पर डेरा डाले हुए हैं. अब अंबाला के शंभू बॉर्डर से पुलिस ने 9 महीने बाद बैरिकेड्स हटाकर रास्ता खोल दिया है. यहां पर रास्ता बंद होने की वजह से लोगों को आवागमन में परेशानी आ रही थी. उधर, अब अंबाला पुलिस ने शहर से शंभू बॉर्डर तक लगाए गए सभी बैरिकेड्स हटा दिए हैं और अब राहगीर शंभू टोल प्लाजा तक अपने वाहन ले जा सकते हैं और वहां से चंडीगढ़ या कैथल हाइवे से होते हुए अपनी मंजिल की ओर बढ़ सकते हैं।
उधर, वाहन चालकों का कहना है कि कहा कि पुलिस ने शंभू टोल प्लाजा तक रास्ता खोल दिया है, लेकिन इसका कोई खास फायदा नहीं होगा. यह राहत ऊंट के मुंह में जीरा के बराबर है. भारी जाम और रूट डायवर्ट होने के चलते अपनी मंजिल तक पहुंचने में दोगुना समय लग रहा है. लोगों ने कहा कि हरियाणा सरकार से अपील है कि 9 महीने से बंद शंभू बॉर्डर का रास्ता तुरंत खोला जाए. क्योंकि 9 महीनों से व्यापार और नौकरी पेशा वाले लोग प्रभावित हो रहे हैं।
क्यो बोले किसान नेता : चंडीगढ़ में सोमवार को संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई है और इस दौरान ऐलान किया गया कि 6 दिसंबर को किसान दिल्ली कूच करेंगे. किसान नेता सरबजीत सिंह पंधेर ने कहा कि केंद्र सरकार बातचीत से मुद्दा सुलझाना चाहती है, तो हम बातचीत के लिए तैयार हैं. उन्होंने काह कि हमें दिल्ली में जंतर-मतर या रामलीला मैदान में बैठने की जगह दी जानी चाहिए उधर, किसानों के दिल्ली कूच पर सुप्रीम कोर्ट की बनाई समिति के हेड जस्टिस नवाब सिंह ने कहा, ये सरकार और किसानों के बीच की बात है. समिति का काम किसानों के मुश्किलों को सुनना है और इस पर कुछ बोलना मुझे सही नहीं लगता है।
पंधेर ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि पिछले कई महीनों से सरकार ने हमसे बातचीत नहीं की है और ऐसे में अब दिल्ली जाकर ही उनसे बात करेंगे. किसानों का कहना है कि हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद शंभू बॉर्डर के बैरिकेट्स नहीं हटाए गए हैं. उधऱ, खनोरी बॉर्डर पर 26 नवंबर से किसान नेता जगजीत सिंह डलेवाल आमरण अनशन शुरू करेंगे ।