दुबई : दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ईरान द्वारा किए गए ड्रोन हमले से हड़कंप मच गया। इस हमले में एक भारतीय नागरिक समेत कुल चार लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद संयुक्त अरब अमीरात की सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और मामले की गहन जांच की जा रही है।
ड्रोन हमले से दहला एयरपोर्ट, भारतीय नागरिक भी जख्मी : दुबई अधिकारियों ने पुष्टि की है कि बुधवार सुबह हवाई अड्डे के परिचालन क्षेत्र के आसपास दो ड्रोन गिरे। इस हमले की चपेट में आने से दो घाना के नागरिक, एक बांग्लादेशी और एक भारतीय नागरिक को चोटें आईं। गनीमत रही कि घायलों की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। हालांकि, हमले के तुरंत बाद एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया, लेकिन प्रशासन ने दावा किया है कि सुरक्षा पुख्ता होने के कारण वर्तमान में हवाई यातायात को सामान्य रूप से चलाने की कोशिश की जा रही है।
यात्रियों के लिए सख्त एडवाइजरी : दुबई इंटरनेशनल और अल मकतूम इंटरनेशनल एयरपोर्ट का संचालन करने वाली संस्था ‘दुबई एयरपोर्ट्स’ ने यात्रियों के लिए विशेष निर्देश जारी किए हैं। 7 मार्च से उड़ानों को आंशिक रूप से फिर से शुरू किया गया है, लेकिन शेड्यूल अभी भी अस्थिर बना हुआ है। प्रशासन ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यात्री तब तक एयरपोर्ट न पहुंचें, जब तक उनकी एयरलाइन उड़ान के समय की पुष्टि न कर दे। वर्तमान में उड़ानों के संचालन में औसतन 60 से 90 मिनट की देरी दर्ज की जा रही है।
हफ्ते भर में दूसरा हमला, इमरजेंसी प्लान से बची जान
हैरानी की बात यह है कि 1 मार्च को भी दुबई एयरपोर्ट के एक हिस्से को ड्रोन हमले के जरिए निशाना बनाया गया था, जिसमें चार कर्मचारी घायल हुए थे। उस समय एयरपोर्ट के पहले से तैयार ‘इमरजेंसी रिस्पॉन्स प्लान’ की वजह से ज्यादातर टर्मिनलों से यात्रियों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। बार-बार हो रहे इन हमलों ने अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।
कोरोना काल के बाद विमानन क्षेत्र का सबसे बड़ा संकट
ईरानी हमलों के कारण मिडिल ईस्ट के हवाई क्षेत्र में अभूतपूर्व संकट खड़ा हो गया है। 28 फरवरी से अब तक क्षेत्र के 7 प्रमुख हवाई अड्डों पर 40,000 से अधिक उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं। दुबई, दोहा, अबू धाबी, शारजाह, कुवैत और बहरीन जैसे बड़े केंद्रों से जाने वाली करीब 51,600 उड़ानें प्रभावित हुई हैं। आंकड़ों के मुताबिक, अकेले यूएई में फ्लाइट्स कैंसिल होने से एक समय में लगभग 20,200 यात्री फंसे हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना महामारी के बाद विमानन क्षेत्र के लिए यह अब तक की सबसे बड़ी रुकावट साबित हुई है।
