गुरदासपुर : पंजाब के गुरदासपुर में थाना दोरांगला के आदियां पोस्ट पर एएसआई गुरनाम सिंह और होम गार्ड जवान अशोक कुमार की शहादत के मामले में गिरफ्तार आरोपितों में से एक रणजीत सिंह की एनकाउंटर में मौत के बाद विवाद गहरा गया है। रणजीत सिंह के स्वजनों ने विभिन्न संगठनों के साथ बब्बरी बाइपास चौक में दोपहर साढ़े 12 बजे धरना प्रदर्शन किया और पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए।
धरने में पूर्व मंत्री सुच्चा सिंह छोटेपुर, सामाजिक कार्यकर्ता लक्खा सिधाना, किरती किसान यूनियन के नेता सतबीर सुलतानी तथा सीपीआई (एमएल) के कामरेड गुरमीत सिंह बख्तपुर सहित कई संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने रणजीत सिंह को झूठे एनकाउंटर में मारा है और मामले की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
जिक्रयोग है कि एएसआई गुरनाम सिंह और होम गार्ड जवान अशोक कुमार की हत्या के मामले में गांव आलीनंगल निवासी दिलावर सिंह, आदियां निवासी इंद्रजीत सिंह और रणजीत सिंह को नामजद किया गया था। पुलिस के अनुसार सबसे पहले दिलावर सिंह को गिरफ्तार किया गया और उसकी निशानदेही पर रणजीत सिंह को पकड़ा गया।
पुलिस का दावा है कि हथियार बरामदगी के दौरान रणजीत सिंह ने भागने की कोशिश की और पुलिस पर फायरिंग की, जिसके जवाब में की गई कार्रवाई में उसकी मौत हो गई। तीसरे आरोपित इंद्रजीत सिंह को शुक्रवार को अमृतसर से गिरफ्तार कर लिया गया है।
परिवार ने पोस्टमॉर्टम करवाने से इनकार कर दिया : ह रणजीत सिंह के परिजनों ने स्थानीय स्तर पर पोस्टमाॅर्टम कराने से इनकार कर दिया है। एनकाउंटर के चौथे दिन भी परिवार अपने फैसले पर अड़ा हुआ है। परिवार और विभिन्न संगठनों ने हाईकोर्ट में रिट दायर कर मांग की है कि पोस्टमार्टम पीजीआई या एम्स जैसे उच्च संस्थान से कराया जाए, ताकि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके।
धरने के चलते बब्बरी बाइपास क्षेत्र में यातायात प्रभावित रहा। प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति को शांतिपूर्ण बनाए रखने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि पूरी कार्रवाई कानून के दायरे में की गई है और यदि अदालत कोई आदेश देती है तो उसका पालन किया जाएगा।
