सूद ने कहा : पंजाब की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए केजरीवाल द्वारा पेश किया गया फार्मूला कहा हैं?
होशियारपुर/दलजीत अजनोहा : पूर्व कैबिनेट मंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता तीक्ष्ण सूद द्वारा जारी प्रेस नोट में कहा हैं कि आम आदमी पार्टी की सरकार में पंजाब की वित्तीय स्थिती इतनी झरझर हो गई हैं कि सरकार का सधारण कामकाज चलाना भी मुश्किल हो गया हैं। दरासल भगवंत मान सरकार झूठी इश्तिहारबाजी तथा हलकी राजनीति में इतनी बुरी तरह फसी हुई हैं कि उसके पास पंजाब की वित्तीय स्थिती को मजबूत करने के लिए बिलकुल समय नहीं हैं। आम आदमी पार्टी ने चुनावों से पहले बड़े-बड़े वायदे किये थे चुनावों सेपहले एक वायदा हर महिला को 1000 रुपए प्रति महीना देने का भी शामिल था । उस समय आम आदमी पार्टी सुप्रीमो ने पंजाब की जनता को आश्वस्त करवाया था कि उन वायदों की पूर्ती के लिए 34000 करोड़ भ्रष्टाचार को खत्म करके तथा 20000 करोड़ अवैध माइनिंग रोक कर जुटाए जाएगें। आज की वित्तीय स्थिती बता रही है कि आम आदमी पार्टी के महान अर्थशास्त्री अरविन्द केजरीवाल का अर्थशास्त्र मुँह के बल गिर चुका हैं। किसी को राहत देनी तो एक तरफ सरकार चलाने के लिए मान सरकार एक लाख करोड़ से ऊपर कर्जा ले चुकी हैं। अभी-अभी सरकार ने बजार से एक हजार करोड़ से ऊपर कर्जा जुटाया हैं तथा धन जुटाने के लिए बॉन्ड भी जारी किये जा रहे हैं। बाढ़ पीड़ितों को लिए लाए गए चढ़दी कला फण्ड में लोगों से अधिक से अधिक दान केने की अपील की जा रही हैं , परन्तु सबसे शर्मनाक: बात यह हैं कि अब सरकार चलाने के लिए सरकारी सम्पत्तियां वेचने का भी निर्णय कर लिया गया हैं। हालही में सरकार द्वारा 10 सरकारी संपत्तियों की निशानदेही बेचने के लिए की गई थी , जिनमे पटियाला की प्रिंटिंग प्रेस, लुधिआना का कौशिक हस्पताल , तरनतारन की शुगर मिल तथा गुरदासपुर का पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस आदि पांच सम्पत्तियां शामिल हैं को बेचा जाएगा ऐसी 111 एकड़ सम्पत्तियों को सरकार द्वारा अब नीलामी की जाएगी करके बेचे जाएगे। पंचायतों से भी 5 % फण्ड मांगे जा रहें हैं। श्री सूद ने कहा कि मान सरकार की यह सारी कारगुजारी बताती हैं कि इस सरकार ने पंजाब को आर्थिक कंगाली में धकेल दिया हैं। जिससे पंजाब का भविष्य पूरी तरह अंधकारमय हो गया हैं। इस कंगाली का एक और बड़ा कारण केंद्र तथा केंद्रीय स्कीमों से टकराव भी हैं। इस से यह भी सिद्ध होता हैं कि न ही मान सरकार भ्र्ष्टाचार पर काबू पा सकी है तथा न ही अवैध माइनिंग को रोक सकी हैं।
