कांग्रेस को पंजाब में झटका : चार बार की सांसद परनीत कौर हुईं भाजपा में शामिल – मैं पीएम मोदी के नेतृत्व में अपने निर्वाचन क्षेत्र, अपने राज्य और देश के लिए काम करूंगी

by

चंडीगढ़ : काग्रेस से निलंबित सांसद और पंजाब के पूर्व सीएम अमरिंदर सिंह की पत्नी परनीत कौर आज दिल्ली में भाजपा में शामिल हो गईं हैं। कौर की बेटी जय इंदर कौर ने कल ही इस बात के संकेत दिए थे। भाजपा में शामिल होने के बाद परनीत कौर ने कहा कि वह देश और राज्य के लिए काम करेंगी। उन्होंने उम्मीद जताई की बीजेपी के साथ उनकी पारी बेहतर होगी। परनीत कौर ने पत्रकारों को इस बात का भी जवाब दिया कि क्या वह लोकसभा चुनाव में बतौर उम्मीदवार हिस्सा लेने वाली हैं या नहीं।  पटियाला से रॉयल परिवार की बहू परनीत कौर ने कांग्रेस की मैंबरशिप से इस्तीफा देने के बाद  भाजपा जॉइन कर ली है। वह 2 बार मुख्यमंत्री बने कैप्टन अमरिंदर सिंह की पत्नी हैं और 4 बार सांसद बन चुकी हैं। अब उन्होंने ऑफिशियली कांग्रेस को अलविदा कहते हुए भाजपा का दामन थाम लिया।

भाजपा में शामिल होने के बाद परनीत कौर ने कहा, “मैं पीएम मोदी के नेतृत्व में अपने निर्वाचन क्षेत्र, अपने राज्य और देश के लिए काम करूंगी। कांग्रेस पार्टी के साथ मेरी अच्छी पारी रही और मुझे उम्मीद है कि बीजेपी के साथ मेरी पारी बेहतर होगी। यह इस पर निर्भर करता है।” पत्रकारों ने जब कौर से पूछा कि क्या वह साल 2024 में लोकसभा चुनाव लड़ेंगी इसके जवाब में पंजाब के पूर्व सीएम अमरिंदर सिंह की पत्नी ने कहा कि यह पार्टी के निर्णयों पर निर्भर करता है कि वह उन्हें टिकट देती है या नहीं।  उल्लेखनीय है कि जब उनकी बेटी से परनीत कौर के चुनाव लड़ने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “मैं नहीं, मेरी मां परनीत कौर पटियाला सीट से लोकसभा का चुनाव लड़ेंगी।” इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक इंटरव्यू में परनीत कौर की बेटी ने कहा था कि मेरी बारी शायद अगले 2-3 वर्षों में आएगी। उनका इशारा 2027 में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव की तरफ था। वह पहले से ही निर्वाचन क्षेत्र में काम कर रही हैं।

                   कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पहले पंजाब में अपनी पार्टी का गठन किया। इसके बाद उन्होंने पार्टी का विलय बीजेपी में करा लिया। इसके बाद से लगातार उनकी पत्नी के भी भाजपा शामिल होने के कयास लगाए जा रहे थे। आपको बता दें कि उन्होंने महुआ मोइत्रा के खिलाफ सदन में लाए गए प्रस्ताव का भी समर्थन किया था। वहीं कांग्रेस ने इसका विरोध किया था। कैप्टन अमरिंदर सिंह लोकसभा चुनाव के लिए पंजाब में बनी भारतीय जनता पार्टी की कमेटी के भी हिस्सा हैं। उन्होंने कल ही नई दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की थी। आपको बता दें कि पंजाब में बीजेपी का फिलहाल किसी भी पार्टी से गठबंधन नहीं हुआ है। ऐसे में संभावना है कि सभी सीटों पर अकेले चुनाव लड़ सकती है।

अमरिंदर सिंह के बाद भाजपा में जाना निश्चित था :   परनीत कौर का भाजपा में जाना लंबे समय से अपेक्षित था। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सितंबर 2022 में अपनी पंजाब लोक कांग्रेस का भाजपा में विलय कर दिया था। उनके बच्चों रणिंदर सिंह और जय इंदर कौर दोनों ने भी भाजपा जॉइन की। तभी स्पष्ट हो चुका था कि परनीत कौर 2019-24 का टर्म पूरा करने के बाद भाजपा जॉइन कर लेंगी।
1999 से पटियाला की सांसद : सांसद परनीत ने पहला चुनाव 1999 में पटियाला से जीता था। तभी से वह लोकसभा में पटियाला का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। इसके बाद 2004, 2009 और 2019 में वह पटियाला से सांसद चुनी गईं। 2014 से 2017 तक वह पटियाला से विधायक भी रहीं।

2014 में कैप्टन ने लड़ा था लोकसभा चुनाव :  साल 2014 में कैप्टन अमरिंदर सिंह को कांग्रेस ने अमृतसर से सांसद चुनाव लड़वाया था। तब, भाजपा के सीनियर लीडर रह चुके अरुण जेटली को अमृतसर से खड़ा कर दिया था। तब कांग्रेस ने कैप्टन अमरिंदर सिंह पर दांव खेलते हुए उन्हें मैदान में उतारा था। भारी बहुमत के साथ कैप्टन ये सीट आसानी से निकल ले गए थे।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
पंजाब

माकपा ने होशियारपुर हिस्से को आनंदपुर साहिब में विलय करने का जताया विरोध

गढ़शंकर : सीपीआई(एम) ने पंजाब सरकार द्वारा श्री आनंदपुर साहिब को नया जिला बनाने के तहत होशियारपुर जिले के कुछ इलाकों को श्री आनंदपुर साहिब में मिलाने के प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया है।...
article-image
पंजाब

पुलिस से हेड कांस्टेबल के हत्यारों का एनकाउंटर , मुख्य आरोपी को लगी गोली, चारों आरोपी गिरफ्तार

बरनाला : हेड कांस्टेबल दर्शन सिंह की हत्या मामले में बरनाला पुलिस को बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। पुलिस टीम ने 24 घंटे में मुख्य आरोपी सहित 4 हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया है...
article-image
पंजाब

देश की भाजपा तथा पंजाब की कांग्रेस सरकार कारोना काल में बुरी तरह बिफल सरकारें रही  : कामरेड सेखों

गढ़शंकर -अगर देश में 1948 से पीएम फंड़ चल रहा था तो अब कारोना काल में नयां पीएम केयर फंड बनाने की क्या जरूरत थी। यह शब्द सीपीएम के प्रदेशिक सचिव सुखविंदर सिंह सेखों...
Translate »
error: Content is protected !!