गढ़शंकर, 3 दिसंबर : संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से बिजली अध्यादेश 2025 की कॉपियां जलाने के आहवान को लेकर गढ़शंकर के संयुक्त किसान मोर्चा में शामिल संगठनों की एक अहम मीटिंग किसान नेता गुरनेक भज्जल की अध्यक्षता में हुई। मीटिंग की कार्रवाई प्रेस को जारी करते हुए किसान नेता हरमेश ढेसी, दर्शन सिंह मट्टू, कलभूषण महिंदवानी और कर्मचारी नेता मुकेश कुमार ने कहा कि कोरोना काल में भी केंद्र की फासीवादी सरकार ने बिजली अध्यादेश लाने की कोशिश की थी, उस समय संयुक्त किसान मोर्चा के संघर्ष की वजह से सरकार इसे लागू नहीं कर पाई थी ।
उन्हीनों कहा कि अब केंद्र सरकार फिर से इलेक्ट्रिसिटी ऑर्डिनेंस 2025 में बदलाव करके इसे लागू करने की कोशिश कर रही है, जिसके तहत बिजली पर सभी लोगों को मिलने वाली सब्सिडी और सुविधाएं खत्म की जा रही हैं और पूरा बिजली सेक्टर कॉर्पोरेट्स घरानों , खासकर अडानी और अंबानी को सौंपा जा रहा है। जिसके खिलाफ बिजली कर्मचारी संघर्ष कर रहे हैं और अब संयुक्त किसान मोर्चा ने भी उनके समर्थन में 8 दिसंबर को अलग-अलग सब-डिवीजनों में इस ऑर्डिनेंस की कॉपियां जलाने का फैसला किया है। इस समय अलग-अलग किसान यूनियनों के नेता कुलविंदर चहल, चौधरी अच्छर सिंह, शिंगारा सिंह भज्जल, कश्मीर सिंह भज्जल, कुलविंदर संघा, गुरमेल कलसी, अमरजीत सिंह बांगर, सतपाल कलेर, कर्मचारी नेता सुखदेव डानसीवाल, रमेश मलकोवाल आदि मौजूद थे। मीटिंग में मौजूद नेताओं ने सभी लोगों से इसके खिलाफ लामबंद होने का आह्वान किया।
फोटो : बैठक दौरान किसान नेता दर्शन सिंह मट्टू,गुरनेक भज्जल, कर्मचारी नेता मुकेश कुमार व अन्य।
