चंडीगढ़ : शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने मोहाली स्थित गुरुद्वारा अंब साहिब की जमीन को फर्जी तरीके से बेचने के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित मैनेजर को निलंबित कर दिया है।
साथ ही मामले की गहन जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है।
एसजीपीसी के उप कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए धामी ने बताया कि मोहाली जिले के गांव सैणी माजरा में स्थित करीब एक बीघा छह बिस्वा जमीन को गुरुद्वारा अंब साहिब के मैनेजर राजिंदर सिंह ने शिरोमणि कमेटी के सचिव के नाम से फर्जी पत्र तैयार कर बेच दिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि उक्त जमीन लगभग 1 करोड़ 32 लाख रुपये में बेची गई।
धामी ने कहा कि मामले की जानकारी मिलते ही फ्लाइंग स्क्वाड टीम को मौके पर भेजा गया। जांच के दौरान मैनेजर ने खुद स्वीकार किया कि उसने सचिव की मंजूरी दर्शाते हुए फर्जी पत्र तैयार किया था।
इस मामले को मामना गंभीर अपराध
इसे गंभीर अपराध मानते हुए तत्काल उसे निलंबित कर दिया गया है। मामले की विस्तृत जांच के लिए एसजीपीसी के सदस्य चरणजीत सिंह कालेवाल, हरजिंदर कौर, सुरजीत सिंह भिट्टेविंड, परमजीत सिंह लखेवाल और मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मन्नन को शामिल करते हुए पांच सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। धामी ने स्पष्ट किया कि शिरोमणि कमेटी की किसी भी जमीन या संपत्ति को बेचने का फैसला केवल कार्यकारिणी द्वारा लिया जाता है और उसके बाद ही अधिकृत सब-कमेटी बनाई जाती है।
दोषी के खिलाफ सख्त कदम उठाएगी कमेटी
मैनेजर द्वारा बिना अनुमति जमीन बेचने की कार्रवाई को उन्होंने अमानत में खयानत करार दिया। उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उसके खिलाफ सख्त कानूनी व विभागीय कार्रवाई होगी। साथ ही यह भी दोहराया कि उनके कार्यकाल में शिरोमणि कमेटी की एक इंच जमीन भी नहीं बेची गई है। गौरतलब है कि गांव सैणी माजरा में उक्त जमीन पर कुछ लोगों द्वारा कब्जा किए जाने की खबरें पहले से सामने आ रही थीं और मैनेजर द्वारा जमीन बेचने की सूचनाएं मीडिया में प्रकाशित हुई।
