चंडीगढ़। सेक्टर-21 स्थित बिल्डर अंकित सिदाना की कोठी पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस केस में नामजद हरियाणा के कुख्यात गैंगस्टर कौशल चौधरी को पूछताछ के लिए लाने की तैयारी कर रही है।
सेक्टर-19 थाना पुलिस ने अदालत में प्रोडक्शन वारंट के लिए अर्जी दायर की है।
चंडीगढ़ पुलिस का मानना है कि कौशल चौधरी से पूछताछ में फायरिंग की साजिश, शूटरों की भूमिका, कॉल करने वालों की पहचान और रंगदारी नेटवर्क को लेकर अहम जानकारियां मिल सकती हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इन वारदातों के पीछे जेल से ऑपरेट हो रहा गैंग नेटवर्क तो नहीं है।
कौशल फिलहाल पंजाब पुलिस की हिरासत में है। यह पहला मौका होगा जब टांग में फ्रेक्चर होने के बावजूद किसी गैंगस्टर को चंडीगढ़ लाकर पूछताछ की जाएगी। सुरक्षा और मेडिकल प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने इस संबंध में लुधियाना पुलिस से भी संपर्क साधा है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि लुधियाना के एक लग्जरी कार शोरूम पर हुई फायरिंग और चंडीगढ़ के सेक्टर-21 में अंकित सिदाना की कोठी पर फायरिंग की मोडस ऑपरेंडी एक जैसी है।
दोनों मामलों में फायरिंग के बाद रंगदारी मांगी गई। कॉल विदेशी नंबरों से की गई। आरोपितों ने कौशल चौधरी और बंबीहा गैंग का नाम लिया। मौके पर शूटरों द्वारा नाम लिखी पर्ची (स्लिप) फेंकी गई।
रात को फायरिंग, सुबह मिली पांच करोड़ की रंगदारी की कॉल
अंकित सिदाना को फायरिंग की जानकारी उसी समय नहीं हो पाई। उन्हें घटना का पता अगली सुबह तब चला, जब विदेशी नंबर से 5 करोड़ रुपये की फिरौती की कॉल आई। इसके बाद अंकित ने तुरंत पुलिस को शिकायत दी, जिस पर सेक्टर-19 थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। वहीं, लुधियाना में कार शोरूम पर दिनदहाड़े बाइक सवार बदमाशों ने गोलियां चलाई थीं, जिससे इलाके में दहशत फैल गई थी।
शूटरों के नाम की पर्ची भी छोड़ी
दोनों मामलों में हमलावरों ने मौके पर मोहब्बत रंधावा और पवन शौकिन के नाम की पर्ची फेंकी थी। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि यह नाम जानबूझकर छोड़े गए ताकि दहशत फैलाई जा सके या फिर ये शूटर वास्तव में वारदात में शामिल थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अदालत से अनुमति मिलते ही कौशल चौधरी को कड़ी सुरक्षा में चंडीगढ़ लाया जाएगा और उससे गहन पूछताछ की जाएगी।
