चिंतपूर्णी में VIP दर्शन सिस्टम में बड़ा बदलाव, नए रेट्स हुए लागू – 300 रुपए में करें मां चिंतपूर्णी के दर्शन, पहले लगते थे 1100

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रोहित जसवाल। ऊना : उत्तर भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां चिंतपूर्णी के दरबार में दर्शन करने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को विशेष दर्शन के लिए शुरू की गई सुगम दर्शन प्रणाली में मंदिर न्यास द्वारा मंगलवार से बदलवा कर दिया गया है।  अब श्रद्धालुओं को वीआईपी दर्शन के लिए प्रति श्रद्धालु 300 रुपये चुकाने होंगे। इससे पहले मंदिर न्यास द्वारा शुरू की गई सुगम दर्शन प्रणाली के तहत वीआईपी श्रद्धालुओं को 1100 रुपए की पर्ची कटानी पड़ती थी, जिसमें 5 श्रद्धालु माता के सुगम दर्शन कर सकते थे।
                       इस व्यवस्था के तहत अगर किसी एक व्यक्ति को भी वीआईपी दर्शन करने होते थे, तो भी उन्हें 1100 रुपये की पर्ची कटवानी पड़ती थी। अब मंदिर न्यास ने श्रद्धालुओं को मंदिर में दर्शन को और अधिक सुगम बनाने के उद्देश्य से सुगम दर्शन पर्ची के तहत प्रत्येक व्यक्ति के लिए 300 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। इससे श्रद्धालुओं को आसानी से मंदिर में प्रवेश और दर्शन की सुविधा मिल सकेगी। इसके अलावा दूसरी कैटेगरी में 65 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों व दिव्यांगों को एक अटेंडेंट के साथ 100 रुपये देने होंगे, जोकि पहले 50 रूपये थे।
करीब 2 महीने से मंदिर न्यास द्वारा इस योजना पर काम शुरू कर दिया गया था जिसे मकर सक्रांति के दिन से लागू कर दिया गया है।
दरअसल माता श्री चिंतपूर्णी के दरबार में सुगम दर्शन के लिए 1100 रुपये की पर्ची कटवाकर पांच श्रद्धालु माता के सुगम दर्शन कर पा रहे थे। लेकिन अब प्रति श्रद्धालु वीआईपी दर्शन के लिए 300 रुपये अदा करने होंगे। जबकि मंदिर परिसर में अधिक भीड़भाड़ वाले दिनों के दौरान सुगम दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को 500 रुपये की पर्ची कटवानी पड़ेगी।
अतिरिक्त उपायुक्त महेंद्र पाल गुर्जर का कहना है कि मंदिर न्यास द्वारा सुगम दर्शन प्रणाली के तहत पहले 1100 रूपये लिए जाते थे लेकिन श्रद्धालुओं के फीडबैक के बाद इसमें बदलाव करते हुए अब प्रति श्रद्धालु 300 रुपये का शुल्क तय किया गया। उन्होंने बताया कि दिन में सिर्फ 500 पास बनाकर वीआईपी दर्शन करने की अनुमति दी जाएगी, ताकि पंक्ति व्यवस्था प्रभावित न हो।
इसके अलावा उन्होंने कहा वीआईपी श्रद्धालुओं को मंदिर न्यास की ओर से बाबा श्री माई दास सदन में बने वेटिंग हॉल में बैठने की व्यवस्था की गई है और वहां से इलेक्ट्रिक गोल्फ कार्ट के माध्यम से मंदिर की लिफ्ट तक ले जाया जाएगा और वहां लिफ्ट के माध्यम से दर्शन करवाएं जाएंगे।
अतिरिक्त उपायुक्त महेंद्र पाल गुर्जर ने कहा कि भविष्य में भी श्रद्धालुओं के फीडबैक के अनुसार व्यवस्था में बदलवा होते रहेंगे।
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