होशियारपुर, 21 जनवरी: उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, पंजाब की ओर से आज महात्मा गांधी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (मगसीपा) के सहयोग से तथा विश्व बैंक के समर्थन से आज जिला उद्योग केंद्र, होशियारपुर में आरएएमपी रेज़िंग एंड एक्सेलेरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस (आरएएमपी)
योजना के अंतर्गत एक दिवसीय मेगा क्षमता निर्माण कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जिले के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमईज) को सशक्त बनाना, उनकी कार्यकुशलता में सुधार लाना, सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने के लिए प्रेरित करना तथा वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना रहा।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों द्वारा चार तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। प्रथम सत्र में डॉ. संजीव चड्ढा, प्रोफेसर एवं हेड, मगसीपा ने आरएएमपी योजना की रूपरेखा, उद्देश्यों एवं क्रियान्वयन प्रक्रिया पर प्रकाश डाला। दूसरे सत्र में डॉ. संजीव गुप्ता, पूर्व सीजीएम, एसएमएल इसजू लिमिटेड ने ज़ेडईडी (जीरो डिफेक्ट, जीरो इफेक्ट) योजना एवं लीन मैनेजमेंट के माध्यम से गुणवत्ता और उत्पादकता बढ़ाने के उपाय साझा किए। तीसरे सत्र में दीपाली गुलाटी, कॉर्पोरेट ट्रेनर ने एमएसएमईज के लिए आधुनिक मार्केटिंग, ब्रांडिंग एवं ग्राहक जुड़ाव की रणनीतियों पर मार्गदर्शन दिया। चौथे सत्र में आर्किटेक्ट जीत कुमार गुप्ता, शिक्षाविद एवं टाउन प्लानर ने हरित एवं ऊर्जा दक्ष औद्योगिक भवनों के महत्व पर चर्चा की।
कार्यशाला में लीड बैंक, रोजगार सृजन विभाग, तकनीकी शिक्षा विभाग तथा विभिन्न औद्योगिक संघों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस अवसर पर मान मोहिंदर सिंह, जनरल मैनेजर, जिला उद्योग केंद्र होशियारपुर ने एमएसएमईज से आरएएमपी योजना का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। वहीं नरेश तिवारी, अध्यक्ष (ऑल इंडिया एसोसिएशन) ने उद्योग जगत को सरकारी योजनाओं से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में गुरदीप कौर (कंसल्टेंट, पीआईयू ), सनमून (ट्रेनिंग एसोसिएट) एवं संकित जैन (रिसर्च एसोसिएट) का विशेष योगदान रहा। विभाग ने सभी सहयोगियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
