जोगिंदा सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, सोलन में मचा हड़कंप : 15 करोड़ से अधिक के सस्पेंस इंटरेस्ट दबाने के गंभीर आरोप

by

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट, चंडीगढ़ के अधिवक्ता मुकेश कुमार शर्मा ने दायर की शिकायत

एएम नाथ। सोलन :  पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट, चंडीगढ़ के अधिवक्ता मुकेश कुमार शर्मा द्वारा दायर एक विस्तृत शिकायत के आधार पर जोगिंदा सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, सोलन (हिमाचल प्रदेश) के प्रबंधन एवं वरिष्ठ अधिकारियों पर 15 करोड़ से अधिक के सस्पेंस इंटरेस्ट को वर्षों से जानबूझकर दबाने, छिपाने और गलत तरीके से प्रदर्शित करने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। अधिवक्ता मुकेश कुमार शर्मा ने यह शिकायत नाबार्ड (मुखय सतर्कता विभाग), भारतीय रिजर्व बैंक, रजिस्ट्रार को-ऑपरेटिव सोसायटीज सहित विभिन्न संवैधानिक व नियामकीय प्राधिकरणों के समक्ष प्रस्तुत की है, जिसमें बैंक में व्यवस्थित, पूर्व नियोजित और निरंतर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता मुकेश कुमार शर्मा के अनुसार, वर्ष 2013 से अब तक बैंक द्वारा जानबूझ कर सस्पेंस इंटरेस्ट खातों को न तो पारदर्शी रूप से ऑनलाइन दर्ज किया गया और न ही नियमानुसार समायोजित किया गया जबकि इस अवधि में नाबार्ड द्वारा वैधानिक निरीक्षण, आरबीआई द्वारा नियामकीय निरीक्षण, आरसीएस द्वारा ऑडिट, समवर्ती एवं आंतरिक ऑडिट, निरंतर होते रहे। आरोप है कि इसके बावजूद वास्तविक ब्याज देनदारियों को जानबूझकर दबाया गया, जिससे बैंक की वित्तीय स्थिति कृत्रिम रूप से बेहतर दिखाई जा सके और एनपीए कम दर्शाए जा सके।शिकायत में बैंक के तत्कालीन वर्तमान एमडी, चेयरमैन, बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के साथ-साथ राम पाल (एजीएम), कुलदीप सिंह (एजीएम), हरिश शर्मा, रूप सिंह, गुरमीत सिंह (सीनियर मैनेजर) सहित अन्य अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता एडवोकेट शर्मा ने यह आरोप भी लगाया कि इन अधिकारियों की मिलीभगत और संरक्षण के बिना इतने लंबे समय तक रिकॉर्ड दबाना, ब्याज समायोजन न करना और चयनात्मक सेटलमेंट/इअस् स्कीम संभव नहीं था। शिकायत के अनुसार कथित अनियमितताएँ निम्न तरीकों से की गईंन अर्जित ब्याज को सस्पेंस खाते में कंप्यूटराइज्ड न करना 2 पसंदीदा उधारकर्ताओं को चयनात्मक स्कीम में सैटल करना 3 एनपीए खातों की गलत श्रेणीकरण 4 कंप्यूटरीकरण के बावजूद सस्पेंस इंटरेस्ट को मैनुअल रखना। अधिवक्ता मुकेश कुमार शर्मा ने अपनी शिकायत में यह भी दावा किया है कि ये कृत्य आरबीआई के मानदंडों, बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, 1949, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988, भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत हैं।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
समाचार , हिमाचल प्रदेश

मंडी से चुनाव नहीं लडूंगी, आलाकमान को कर दिया साफ : प्रतिभा सिंह बोली, एक भी कार्यकर्ता काम करने को तैयार नहीं

 “सांसद निधि” बांटने से जीत नहीं सकते “इलेक्शन” एएम नाथ। शिमला :   दिल्ली में लोकसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस आलाकमान के साथ हुए मंथन के बाद हिमाचल कांग्रेस पार्टी प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह शिमला...
article-image
हिमाचल प्रदेश

16 वर्षीय नाबालिग किशोरी से ट्रक में रेप : किशोरी ने आरोपी के डर के चलते परिजनों को नहीं बताया, पेट में दर्द हुई तो मां को पता चला

शिमला : रामपुर में  16 वर्षीय किशोरी से रेप का मामला सामने आया है। एक ट्रक ड्राइवर ने नाबालिग को अपने ही ट्रक में खींचा और उससे 2 बार रेप किया। इसकी जानकारी परिजनों...
article-image
दिल्ली , पंजाब , राष्ट्रीय , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

जानिए कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और राज्य मंत्री में क्या होता हैं अंतर….प्रधानमंत्री को 2.33 लाख, कैबिनेट मंत्री को 2.32 लाख, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) को 2.31 लाख और राज्य मंत्री को 2,30,600 रुपये मिलते

नई दिल्ली : नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बन गए हैं। रविवार को उन्होंने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ-साथ 71 सांसदों ने भी मंत्री पद की शपथ ली। मोदी सरकार में ये...
article-image
हिमाचल प्रदेश

भूतपूर्व सैनिकों के बच्चों को होटल मैनेजमेंट डिग्री करने का मौका

हमीरपुर 15 फरवरी। भूतपूर्व सैनिकों के बच्चों के लिए आर्मी इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट एंड केटरिंग टैक्नोलॉजी बेंगलूरू से होटल मैनेजमेंट में तीन वर्षीय या चार वर्षीय डिग्री करने का अवसर है। जिला सैनिक...
Translate »
error: Content is protected !!