गढ़शंकर, 2 दिसंबर: आदर्श सोशल वेलफेयर सोसायटी पंजाब के संस्थापक अध्यक्ष सतीश कुमार सोनी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि सांसद निधि से दी गई डायलिसिस मशीन को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट किया जाना अत्यन्त निंदनीय है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में विफल साबित हो रही है। सिविल अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चर्म, शिशु, हड्डी एवं महिला विशेषज्ञ चिकित्सकों के रिक्त पदों के कारण सिविल अस्पताल गरीब मरीजों के लिए सफेद हाथी साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 में श्री आनंदपुर साहिब से सांसद मनीष तिवारी ने अपने सांसद निधि से एक डायलिसिस मशीन उपलब्ध कराई थी, जिसे राज्य सरकार की निंदनीय कार्रवाई के कारण अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया, जबकि इसे चलाने के लिए स्टाफ उपलब्ध कराना और रिक्त पदों पर डॉक्टरों की नियुक्ति करना आवश्यक था, लेकिन यहां इसके विपरीत हो रहा है। अगर कोई सक्षम डॉक्टर आता भी है तो उसे राजनीतिक नेताओं द्वारा आपसी द्वेष के कारण दूर के अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया जाता है, जिसका परिणाम यह होता है कि अस्पताल आने वाले बीमारी से पीड़ित मरीजों को महंगे निजी अस्पतालों की लूट का शिकार होना पड़ता है, यहां से लगभग 70 प्रतिशत मरीजों को दूर के अस्पतालों में रेफर कर दिया जाता है, जिसके कारण अधिकांश मरीज रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। उन्होंने कहा कि आदर्श सोशल वेलफेयर सोसाइटी पंजाब इस प्रेस नोट के माध्यम से राज्य सरकार से मांग करती है कि सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों के रिक्त पदों को जल्द से जल्द भरा जाए और यहां से स्थानांतरित की गई डायलिसिस मशीन की जांच की जाए और डायलिसिस मशीन को वापस लाया जाए और इसे संचालित करने के लिए कर्मचारियों की नियुक्ति की जाए और जरूरतमंद मरीजों को सेवाएं प्रदान की जाएं और सिविल अस्पताल से रेफर करने की प्रथा को समाप्त किया जाए और हर पीड़ित को यहां पूरा इलाज मुहैया कराया जाए।
