देहरा : हिमाचल प्रदेश के देहरा जिले में पुलिस ने एक संगठित अंतरराज्यीय नवजात शिशु तस्करी एवं धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है. इस सनसनीखेज मामले में अब तक कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें 7 महिलाएं और 2 पुरुष शामिल हैं।
हालिया कार्रवाई में पंजाब और हरियाणा के विभिन्न क्षेत्रों से 6 आरोपियों को दबोचकर अदालत में पेश किया गया है. गिरफ्तार महिलाओं में एक की आयु करीब 60 वर्ष बताई जा रही है।
23,500 की ठगी से खुला पूरे गिरोह का राज
मामले की शुरुआत 17 फरवरी 2026 को पुलिस थाना संसारपुर टैरेस में दर्ज एक शिकायत से हुई थी, जिसमें नवजात शिशु गोद दिलाने के नाम पर ₹23,500 की ठगी का आरोप लगाया गया था. शिकायत दर्ज होते ही साइबर सेल देहरा ने तकनीकी विश्लेषण किया, जिसके आधार पर मुख्य आरोपी दीपक आनंद को जालंधर, पंजाब से गिरफ्तार किया गया. पूछताछ में अंतरराज्यीय गिरोह के तार खुलते चले गए. जांच में सामने आया कि आरोपी दीपक आनंद नवजात शिशुओं की अवैध खरीद-फरोख्त में मुख्य एजेंट की भूमिका निभा रहा था और इच्छुक दंपतियों को पंजाब स्थित संगठित गिरोह से जोड़ता था।
नवजात बच्चों की होती थी अवैध डील
गिरोह जरूरतमंद व असहाय महिलाओं तक पहुंच बनाकर नवजात शिशुओं की अवैध डील कराता था और निसंतान दंपतियों से मोटी रकम वसूलता था. इस नेटवर्क के तहत एक नाबालिग शिशु को सकुशल बरामद किया गया है, जिसकी अवैध खरीद-फरोख्त में करीब ₹4.85 लाख का लेन-देन हुआ था. शिशु को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के आदेशानुसार स्पेशल एडॉप्शन एजेंसी को सौंप दिया गया है।
किसी का संबंध आईवीएफ और किसी का संबंध एनजीओ से : जांच का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह सामने आया है कि पकड़ी गई महिलाओं में से कई का संबंध IVF क्लीनिकों और स्वयंसेवी संस्थाओं (NGO) से रहा है. पुलिस को संदेह है कि इन्हीं माध्यमों से गिरोह को यह संवेदनशील जानकारी मिलती थी कि कौन-सा दंपति संतान के लिए परेशान है और कौन महिला नवजात को बेचने या सौंपने की स्थिति में है. इसी सूचना के दुरुपयोग से अवैध नेटवर्क फल-फूल रहा था।
असहाय मां और निसंतान दंपत्ति ढूंढता था गिरोह
सोमवार को जिन छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, आज उन्हें कोर्ट में पेश किया जा रहा है, उनमें जालंधर, बठिंडा, मानसा, सिरसा व आसपास के क्षेत्रों के लोग शामिल हैं. पुलिस के अनुसार गिरोह पूरी तरह संगठित था और इसमें भूमिकाएं स्पष्ट रूप से बंटी हुई थीं. कुछ लोग असहाय माताओं से संपर्क करते थे, तो कुछ IVF क्लीनिकों के जरिए निसंतान दंपतियों की पहचान करते थे. इस मामले पर एसपी देहरा मयंक चौधरी ने बताया कि यह केवल ठगी का नहीं, बल्कि एक संगठित अंतरराज्यीय शिशु तस्करी नेटवर्क का मामला है. “गिरोह के सभी सदस्यों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा. कानून से कोई नहीं बचेगा ।
इन लोगों की हाल में हुई गिरफ्तारी
उन्होंने कहा कि सिर्फ एक सप्ताह के भीतर पुलिस जिला देहरा की संसारपुर टैरेस थाना टीम ने पंजाब व हरियाणा में ताबड़तोड़ दबिश देकर इस नेटवर्क की कमर तोड़ दी है. जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है. नवगिरफ्तार आरोपी:नीलम सिंह (54 वर्ष) – निवासी बठिंडा, पंजाबरिम्पी (38 वर्ष) – निवासी बठिंडा, पंजाबकिरण उर्फ काली (30 वर्ष) – निवासी सिरसा, हरियाणाजसमेल कौर उर्फ भोलो (60 वर्ष) – निवासी बठिंडा, पंजाबकुलविंदर उर्फ राजू (45 वर्ष) – निवासी जालंधर, पंजाब, करमजीत कौर उर्फ काले (34 वर्ष) – निवासी बठिंडा, पंजाब
यह पहले हो चुके हैं गिरफ्तार
वहीं पूर्व में गिरफ्तार आरोपी:7. दीपक आनंद (40 वर्ष) – निवासी कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश (मुख्य आरोपी)8. मनिंद्रजीत कौर उर्फ रितु (47 वर्ष) – निवासी बटाला, पंजाब9. अनीता उर्फ आशा (59 वर्ष) – निवासी जालंधर, पंजाब।
