बठिंडा में मंगलवार को दो युवकों की नशे की ओवरडोज से मौत हो गई। एक युवक के हाथ पर नशे के टीके की सीरिंज लटकती हुई मिली है। वहीं दूसरे मृतक युवक मनी सिंह के पिता सुखपाल सिंह जेठूके की शिकायत पर थाना सदर पुलिस ने तीन युवकों पर केस दर्ज किया है।
पुलिस को शिकायत में गांव जेठूके निवासी सुखपाल सिंह ने बताया कि एक जुलाई को उनका बेटा मनी सिंह (22) उनके गांव के ही योद्धा सिंह, राजवीर सिंह और भागा सिंह के साथ गया था। उक्त तीनों आरोपियों ने उसे चिट्टे का टीका लगा दिया। ओवरडोज से बेटे की मौत हो गई। थाना सदर पुलिस के एएसआई चरणजीत सिंह ने बताया कि सुखपाल सिंह की शिकायत पर उक्त तीनों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अभी आरोपियों की गिरफ्तारी बाकि है।
मंगलवार सुबह गोनियाना मंडी के रामबाग के पीछे स्थित रेलवे लाइनों के पास एक युवक का शव बरामद हुआ, जिसके हाथ में चिट्टे का टीका लगा हुआ था। लोगों के अनुसार सोमवार रात्रि कुछ युवक रेलवे लाइनों के पास बैठकर नशा कर रहे थे। मृतक युवक भी उनके साथ था। नशे की ओवरडोज से उसकी मौत हो गई। मंगलवार सुबह वह लाइनों के पास बेशुध मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल बठिंडा पहुंचाया है। फिलहाल युवक की पहचान नहीं हो सकी है।
डेढ़ माह में आठ युवकों की मौत : जिले में चिट्टे का कहर इस कदर बढ़ता जा रहा कि पिछले डेढ़ माह में 8 युवकों की नशे की ओवरडोज से मौत हो गई है। 7 युवक बेहोश हुए हैं। 25 जून को जिले के गांव फतेहगढ़ नौ आबाद निवासी व चार बहनों के इकलौते भाई 25 वर्षीय लखविंदर सिंह की नशे की ओवरडोज से मौत हुई थी। 25 जून को ही भुच्चो मंडी में युवक की मौत हुई थी। 28 जून को भुच्चो कैंचियां के पास एक बंद पेट्रोल पंप से एक युवक का शव बरामद हुआ था। उसके बाजू में नशे का इंजेक्शन का निशान था। 6 जून को बहमन पुल के पास सरहिंद नहर साइकिल ट्रैक पर एक युवक की मौत हो गई थी। युवक के एक हाथ से खून निकल रहा था।परसराम नगर निवासी 24 वर्षीय पुनित वर्मा के पास ही सीरिंज मिली थी। 16 जून को बीड़ तलाब बस्ती में एक युवक की मौत हो गई थी। 30 मई को प्रताप नगर निवासी शिवम सिंगला की चिट्टे की ओवरडोज से मौत हुई थी।
सात युवक मिले बेहोश : इसी तरह 1 जून को रिंग रोड पर एक युवक चिट्टे की ओवरडोज के कारण बेहोश मिला। 2 जून को स्थानीय रिंग रोड पर एक युवक नशे की ओवरडोज के कारण सड़क पर बेहोश पड़ा था। युवक को 3 घंटे बाद अस्पताल में होश आया था। 4 जून को भी धोबियाना बस्ती में एक युवक चिट्टे का इंजेक्शन लगाने से बेहोश हो गया था। 14 जून रेलवे कॉलोनी अस्पताल के पीछे युवक बेहोश मिला था। 15 जून को तलवंडी साबो में एक दंपती ने आत्महत्या के प्रयास में चिट्टे का नशा किया। युवक की हालत बिगड़ गई थी। 19 जून को रेलवे कॉलोनी के पास नशे के ओवरडोज के कारण एक युवक की हालत बिगड़ गई।
चिट्टे का नशा दिमाग पर करता है असर : पुलिस अस्पताल के डॉ. उमेश गुप्ता का कहना है कि कोई भी नशा शरीर और समाज के लिए हानिकारक होता है, लेकिन चिट्टे का नशा सीधे तौर पर इंसान के दिमाग पर असर करता है। यदि व्यक्ति को नशा न मिले तो वह तड़प-तड़प कर अपने प्राण त्याग देता है। इसी तरह इसका अधिक मात्रा जानलेवा साबित होती है। नशा अब युवाओं के नाम पर घरों में प्रवेश कर रहा है। ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें पति-पत्नी को चिट्टे की लत लग गई है। पंजाब सरकार एवं पंजाब पुलिस ने नशे से मुक्ति के लिए विशेष प्रबंध किए हैं। इसलिए युवाओं को नशा छोड़ने के लिए उनसे संपर्क करना चाहिए।
