मंडी : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की आंखों में लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ही खटकते हैं, क्योंकि वह देश की बात करते हैं और देशवासियों की समस्याओं को लोकसभा में उठाते हैं। सरकार के पास इन सवालों का कोई जवाब नहीं होता, इसलिए गृह मंत्री को मोगा की रैली में भी राहुल गांधी याद आए। यह बातें पूर्व विधायक जीत महिंदर सिंह सिद्धू द्वारा मौड़ मंडी में खोले गए हल्का स्तरीय कार्यालय के उद्घाटन कार्यक्रम में पहुंचे पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कही।
उन्होंने कहा कि देश के पुराने मित्र रूस और ईरान के साथ प्रधानमंत्री मोदी अपनी दोस्ती निभाने में धोखा कर रहे हैं। दोनों देशों ने भारत को 40 डालर प्रति बैरल के हिसाब से तेल उपलब्ध कराया था, जबकि आज तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री अपने धनी मित्रों को देश की चाबियां सौंप रहे हैं, वहीं अमेरिका के सामने झुकते हुए भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के जरिए देश के किसानों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिसका कांग्रेस डटकर विरोध करती है। उन्होंने कहा कि मनरेगा का नाम बदलकर नई योजना के तहत जहां राज्यों पर अधिक बोझ डाला जा रहा है, वहीं मजदूरों, किसानों और छोटे व्यापारियों के रोजगार छीनने वाले कानून बनाए जा रहे हैं।
पंजाब के हालात पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान हमला बोला। बाजवा ने कहा कि पंजाब पर 4.50 लाख करोड़ रुपये का कर्ज हो चुका है और सरकार 50 हजार करोड़ रुपये का नया कर्ज लेने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि आज पंजाब में सरकार नाम की कोई चीज नहीं है और कर्ज लेकर झूठे विज्ञापनों के सहारे सरकार चलाई जा रही है। राज्य का खजाना दिल्ली से आए असफल नेताओं की मेहमाननवाजी पर खर्च किया जा रहा है, इसलिए पंजाब के लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब है, नशों से नौजवान मर रहे हैं, हक मांगने वाले बेरोजगारों, शिक्षकों और कर्मचारियों पर लाठीचार्ज हो रहा है, किसानों की कोई सुनवाई नहीं है और लोग बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। इसलिए पंजाब के लोगों को आने वाले विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के हाथ मजबूत करने के लिए आगे आना चाहिए।
उन्होंने अकाली दल और भाजपा के संभावित गठबंधन को लेकर अमित शाह और सुखबीर सिंह बादल पर भी तंज कसते हुए कहा कि उन्हें भाजपा के साथ की उम्मीद थी, लेकिन अब वह उम्मीद भी टूट गई है। दोस्ती न होने के कारण सुखबीर बादल और उनकी पार्टी अब सिर्फ लंबी थाना तक सीमित रह गई है। भाजपा बड़ा भाई बनना चाहती थी, जबकि बादल परिवार अपनी ताकत बढ़ाने की उम्मीद में था, जो पूरी नहीं हो सकी।इस मौके पर उन्होंने मालवा क्षेत्र के लोगों से भी कांग्रेस के हाथ मजबूत करने की अपील की। कार्यक्रम में उनके साथ पूर्व मंत्री गुरप्रीत सिंह कांगड़, पूर्व विधायक जीत महिंदर सिंह सिद्धू, बरनाला के विधायक काला ढिल्लो, दिवंगत गायक सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह, फतेह सिंह बादल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे।
