चंडीगढ़, 10 मार्च । पंजाब विधानसभा में मंगलवार को सोशल मीडिया पर कांग्रेस विधायक सुखपाल खैहरा की एक पोस्ट को लेकर जमकर हंगामा हुआ। हंगामे के बीच विधानसभा की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा।
पंजाब महिला आयोग ने भी विधायक से 12 मार्च तक जवाब मांग लिया है। विधानसभा में हंगामे के बीच खैहरा की पोस्ट पर नेता प्रतिपक्ष प्रताप बाजवा ने खेद भी जताया। इसके बावजूद मामला शांत नहीं हुआ।
विधानसभा में सुखपाल खैहरा के विरूद्ध पेश किए गए निंदा प्रस्ताव पर वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, तरूणजीत सिंह सौंद, हरजोत बैंस व अन्य नेताओं ने भाग लिया। वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने कांग्रेस विधायक सुखपाल खैहरा की पोस्ट पर सवाल उठाए। चीमा ने कहा कि इसमें लिखा हुआ है कि 1000 रुपए के लिए गिद्दे डालने वाली सूरमे कहां से पैदा कर लेंगी। चीमा ने पूछा कि क्या माफी मांगोगे। चीमा ने कहा कि अगर हम औरतों और दलित महिलाओं का सम्मान करते हैं, तो इसका मतलब ये नहीं कि अगर विरोधी सिल्वर स्पून से पैदा हुए तो उन्हें औरतों के अपमान का हक किसने दिया। इस दौरान कांग्रेस विधायक दल प्रताप बाजवा ने सुखपाल खैहरा की पोस्ट पर खेद जताया।
विधायक इंद्रजीत कौर मान ने कहा कि इस पर कार्रवाई होनी चाहिए। ये बताएंगे कि गरीब कैसे सूरमा पैदा करेंगे। इस मुद्दे को राज्य स्तर पर लेकर जाएंगे। सुखपाल सिंह खैहरा के पोस्ट पर सदन में निंदा प्रस्ताव पेश किया गया, जिसके बाद सदस्यों ने अपने विचार रखे। आखिर में स्पीकर ने वोटिंग करवाई। मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि विपक्ष या तो हां बोले या न बोले। उसके बाद स्पीकर ने कहा कि चुप को न समझा जाए। उसके बाद इस निंदा प्रस्ताव को पास कर दिया गया।
एसएसपी को जांच के निर्देश
महिला आयोग ने कपूरथला के एसएसपी को निर्देश दिया है कि इस पूरे मामले की जांच एसपी रैंक के अधिकारी से करवाई जाए और इसकी विस्तृत स्थिति रिपोर्ट आयोग के समक्ष पेश की जाए। आयोग ने कहा कि वायरल वीडियो में की गई टिप्पणियों की सत्यता की जांच जरूरी है।
इसके साथ ही आयोग ने कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैरा और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को 12 मार्च को सुबह 11:30 बजे आयोग के समक्ष पेश होने के लिए कहा है।
खैरा ने अपने ब्यान पर दी सफाई : विवाद बढ़ने के बाद सुखपाल सिंह खैरा ने अपने बयान पर सफाई भी दी है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कोई गलत बात नहीं कही है और वह अपने बयान पर कायम हैं। खैरा का कहना है कि उन्होंने जो वीडियो साझा किया था, उसमें एक यूट्यूबर ने कुछ महिलाओं के व्यवहार पर सवाल उठाए थे।
वीडियो में कथित तौर पर कुछ महिलाएं राज्य सरकार की आर्थिक सहायता की घोषणा के बाद खुशी जताते हुए डांस करती नजर आ रही थीं। खैरा ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि इस तरह के जश्न के बीच राज्य के किसानों और कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों को नजरअंदाज किया जा रहा है। फिलहाल यह मामला राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है। अब सबकी नजर महिला आयोग की जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है।
