गढ़शंकर, 6 जनवरी : पत्रकारों और आरटीआई कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज एफआईआर के विरोध में गढ़शंकर में विभिन्न राजनीतिक दलों, जन संगठनों, प्रेस क्लबों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप में प्रेस क्लब गढ़शंकर के प्रधान अजायब सिंह बोपाराय की अगुवाई में गांधी पार्क बंगा चौक से एसडीएम कार्यालय गढ़शंकर तक रोष मार्च निकालकर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर उपयोग से जुड़े सवाल उठाने पर दर्ज मामले को प्रेस स्वतंत्रता पर सीधा हमला करार देते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की। यह एफआईआर पत्रकार मनिंदरजीत सिंह सिद्धू, मिंटू गुरुसरिया, आरटीआई कार्यकर्ता मणिक गोयल सहित अन्य के खिलाफ दर्ज की गई है। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में राजनीतिक नेता, सामाजिक कार्यकर्ता, किसान व मजदूर संगठनों के प्रतिनिधि और वरिष्ठ पत्रकार उपस्थित हुए। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि असहज सवाल उठाने वाले पत्रकारों को पुलिस कार्रवाई के जरिए डराने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर उपयोग से जुड़े सवाल उठाने पर दर्ज मामले को प्रेस स्वतंत्रता पर सीधा हमला करार देते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की। यह एफआईआर पत्रकार मनिंदरजीत सिंह सिद्धू, मिंटू गुरुसरिया, आरटीआई कार्यकर्ता मणिक गोयल सहित अन्य के खिलाफ दर्ज की गई है। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में राजनीतिक नेता, सामाजिक कार्यकर्ता, किसान व मजदूर संगठनों के प्रतिनिधि और वरिष्ठ पत्रकार उपस्थित हुए। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि असहज सवाल उठाने वाले पत्रकारों को पुलिस कार्रवाई के जरिए डराने का प्रयास किया जा रहा है।सभा को संबोधित करते हुए प्रधान अजायब सिंह बोपाराय ने एफआईआर की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि प्रेस की आज़ादी की रक्षा के लिए किसी भी आंदोलन में वे पत्रकारों के साथ खड़े रहेंगे। कामरेड दर्शन सिंह मट्टू, बीबी सुभाष मट्टू, कामरेड कलभूषण कुमार, रामजी दास चौहान, मुकेश कुमार, सुखदेव सिंह डानसीवाल, पंचायत समिति सदस्य मोहन लाल बीनेवाल ने कहा कि पत्रकारों की भूमिका सच्चाई को सामने लाने की होती है। यदि मौजूदा सरकार को सच्चाई असहज लगती है, तो वह मीडिया की आवाज़ को दबाकर सच को नहीं छिपा सकती। कामरेड कलभूषण ने कहा कि प्रेस की स्वतंत्रता की लड़ाई दरअसल आम लोगों की आज़ादी की लड़ाई है और दोनों को एक-दूसरे से अलग नहीं किया जा सकता।
इस दौरान किसान यूनियन उगराहाँ के तलविंदर सिंह हीर, कुलविंदर सिंह चाहल, हरवेल सिंह सैनी, धर्मजीत सिंह राजा, सतीश सोनी, हरप्रीत सिंह रिंकू बेदी, ने कहा कि जवाबदेही मांगने पर सरकार दमन या झूठे मामलों का सहारा लेती है, जिसे जनता स्वीकार नहीं करेगी। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि एफआईआर वापस नहीं ली गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इस प्रदर्शन में आरटीआई एक्टिविस्ट परविंदर कितनां, रामपाल भारद्वाज, राजिंदर सिंह, जेबी सेखों, लखविंदर सिंह धालीवाल, राजिंदर सिंह कटोच, सतनाम सिंह लोई, मोहित हीर, राजेश अरोड़ा, दलविंदर सिंह मनोचा, पंकज शोरी, लुकेश कुमार वालिया, अश्विनी कुमार सहजपाल, गुरदीप सिंह, जोगिंदर सिंह कुलेवाल, फुला राम, राकेश कुमार , संजीव कुमार, बिट्टू, संजीव राणा हरमां, जसबीर झल्ली आदि शामिल हुए।
फोटो ; प्रदर्शन करते हुए पत्रकार व जनतक संगठनों के पदाधिकारी और एसडीएम संजीव गौड़ को मुख्यमंत्री के नाम के ज्ञापन सौंपते हुए।
