पाकिस्तान में फँसी सरबजीत कौर ने खुद को बचाने की गुहार लगाई है। वह अपने पूर्व पति को वीडियो कॉल कर अपने दर्द का बयाँ कर रही है।पं जाब से पाकिस्तान के करतारपुर कॉरिडोर गई सरबजीत कौर को किडनैप कर लिया गया था।
उन्हें अश्लील वीडियो बना कर उन्हें ब्लैकमेल किया गया। उनका निकाह जबरन कराया गया। उन्होंने परिजनों से खुद को बचाने की अपील की है। उन्होंने भारत में मौजूद अपने पूर्व पति से वीडियो कॉल पर बातचीत की, जो लीक हो गया है।
न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, सरबजीत ने मदद की गुहार लगाते हुए बार-बार कह रही हैं कि वो पाकिस्तान में आजाद नहीं है। वह वापस लौटना चाहती हैं। उसे लाहौर के एक शेल्टर होम में रखा गया है। उसकी डिपोर्टेशन की प्रक्रिया में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है।
परिजनों का आरोप है कि सरबजीत कौर का किडनैप किया गया था और उसे ब्लैकमेल कर जबरन इस्लाम कबूल करवाया गया। उसे नासिर हुसैन से निकाह करने के लिए विवश किया गया।
सरबजीत के पति करनैल सिंह ने सीएनएन न्यूज 18 से बातचीत में पूरी घटना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से उसकी पत्नी नासिर हुसैन के संपर्क में आई। उसने अश्लील वीडियो बनाई और ब्लैकमेल करने लगा। करनैल सिंह के मुताबिक सरबजीत कौर को बंदूक की नोंक पर इस्लाम कबूल करवाया गया और नासिर हुसैन से निकाह कराया गया।
पति करनैल सिंह ने यह भी दावा किया है कि सरबजीत के अश्लील वीडियो उसके परिवार को बार-बार भेजकर उसे अपमानित किया गया। परिवार के पास ऐसे ऑडियो वीडियो मौजूद हैं, जिसमें सरबजीत रोते हुए मदद की गुहार लगा रही है। पति करनैल सिंह के मुताबिक सरबजीत की हालत बेहद नाजुक है। उसका ब्लड प्रेशर काफी बढ़ गया और वह डिप्रेशन की शिकार हो गई है।
इस मामले की सुनवाई लाहौर हाईकोर्ट में हो रही है। इसमें तीर्थयात्रा वीजा के दुरुपयोग और जबरन निकाह कराने पर सवाल उठाए गए हैं। कोर्ट ने पीएम कार्यालय, एफआईए, पंजाब पुलिस और दूसरी सरकारी संस्थानों से भी रिपोर्ट तलब किया है। हालाँकि पाकिस्तानी गृहमंत्रालय ने सरबजीत को स्पेशल ट्रैवल परमिट या एनओसी जारी नहीं किया है। इसलिए वापसी नहीं हो पा रही है।
भारत- पाकिस्तान द्विपक्षीय तीर्थयात्रा प्रोटोकॉल 1974 के अंतर्गत धार्मिक यात्रा करने वालों को यात्रा सुविधा देने की बात है। लेकिन अब इसे महिलाओं को फँसाने और जबरन इस्लाम कबूल करवाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
पाकिस्तान में सिख और हिन्दू अल्पसंख्यकों के खिलाफ टारगेटेड हिंसा, धर्मांतरण और महिलाओं पर अत्याचार की शिकायतें लगातार आती रहती हैं।
सरबजीत कौर के परिवार ने पाकिस्तानी सरकार से उनकी तत्काल रिहाई और दोषियों को सजा देने की माँग की है। परिवार अंतरराष्ट्रीय समुदाय- खासकर पाकिस्तान से राजनयिक संबंध रखने वाले पश्चिमी देशों से भी अपील कर रहा है कि वे पाकिस्तान पर दबाव बनाएँ, ताकि अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा हो और द्विपक्षीय सुरक्षा प्रतिबद्धताओं का सम्मान किया जाए।
सरबजीत कौर की कहानी सिर्फ एक कानूनी या डिप्लोमैटिक मामला नहीं है। यह एक महिला की आजाद होने की छटपटाहट भी है। धार्मिक यात्रा वीजा पर पाकिस्तान जाने के बाद तीन साल से पाकिस्तान में फँसी सरबजीत, भारत में अपने परिवार से अलग होकर लाहौर के एक शेल्टर होम में रहने के लिए मजबूर है और डर के साए में जी रही है।
