जालंधर । ईडी ने रेत खनन व ट्रांसफर पोस्टिंग मामले में पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से छह घंटे तक पूछताछ की। इसकी पुष्टि करते हुए ईडी के अधिकारियों ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री ने बुधवार रात धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत बयान दर्ज करवाए हैं। पूछताछ में चन्नी से हनी के साथ व्यपारिक रिश्तों के इलवा साथ की गई यात्राओं के बारे में सवाल किए गए। उल्लेखनीय है कि इससे पहले ईडी निदेशालय ने चन्नी के भांजे भूपिंदर सिंह उर्फ हनी पर शिकंजा कसते हुए कार्रवाई की थी। विधानसभा चुनावों से कुछ दिन पहले उसे गिरफ्तार किया था। वहीं सरकार में रहते पूर्व सीएम चन्नी भी बार-बार समन के बावजूद ईडी के सामने पेश नहीं हुए थे। अब सत्ता और पद जाने के बाद मिले समन पर सीधे निदेशालय के जालंधर कार्यालय पहुंच गए। 30 अप्रैल को हनी और उनके सहयोगी अन्य के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया गया है।
ईडी अधिकारियों ने पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से हनी और अन्य लोगों के साथ उनके संबंधों और मुख्यमंत्री कार्यालय में उनके भतीजे की कुछ यात्राओं के बारे में पूछताछ की। सूत्रों के मुताबिक उनसे राज्य में अवैध रेत खनन अभियान के तहत कुछ अधिकारियों के तबादले और पोस्टिंग के आरोपों के बारे में भी पूछताछ की गई।
हनी और उसके पार्टरनर के घर से मिले थे करोड़ों रुपए: हनी ने ईडी दुआरा पूछताछ माना ट्रांसफर और पोस्टिंग की एवज में 10 करोड़ लिए थे । ईडी ने दावा किया था कि रिमांड में हनी ने स्वीकार किया था कि उसने रेत माफिया से मनपसंद अधिकारियों की नियुक्ति और ट्रांसफर के बदले में 10 करोड़ रुपए लिए थे। इसके लिए उसने अपने रिश्तेदार तत्कालीन मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के नाम का इस्तेमाल किया। ईडी के मुताविक हनी अपनी गिरफ्तारी से पहले पूछताछ के लिए उनके सामने पेश हुआ था। उसने अपना बयान दिया था, इसमें अन्य बातों के साथ-साथ हनी ने कहा था कि वह खनन से संबंधित गतिविधियों में शामिल है।