प्रदेश में अवैध खनन और माफिया की लड़ाई अब बहुत आगे जा रही है, ध्यान दें मुख्यमंत्री
एएम नाथ। मंडी : मंडी से जारी बयान में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के पेंशनर्स इस सरकार के रवैए से बहुत हताश हैं क्योंकि सरकार लगातार तीन साल से उन्हें झूठे आश्वासनों के सिवाय कुछ नहीं दे रही है। पेंशनर्स को सरकार समय पर पेंशन ही नहीं दे पा रही है बाकी सुविधाएं मिलना तो दूर की बात है। तीन साल में सरकार ने पेंशनर्स को इलाज और दवाई के नाम पर एक भी पैसा नहीं दिया है। जिसकी वजह से उनकी जिंदगी भी खतरे में पड़ गई है। उम्र के इस पड़ाव पर हर किसी को अधिक देखभाल और इलाज की आवश्यकता होती है। बुढ़ापे में सबसे ज्यादा खर्च ही इलाज और दवाओं पर ही होता है। इतने महत्वपूर्ण मामले पर सरकार की उदासीनता ही सरकार की संवेदनहीनता बताती है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि जिस तरीके से पूरे प्रदेश में पेंशनर्स द्वारा धरना प्रदर्शन किया जा रहा है और धर्मशाला में पेंशनर्स की रैली के बाद सरकार जमीनी तौर पर कुछ करती नजर नहीं आ रही है। ऐसे में मेरा मुख्यमंत्री से आग्रह है की पेंशनर्स की समस्याएं बहुत गंभीर हैं और उनका निदान अति शीघ्र किया जाना चाहिए। जिन्होंने कर्मचारी के तौर पर प्रदेश में अपनी सेवाएं देकर प्रदेश के योगदान में अपनी भूमिका निभाई है उनके साथ आज इस तरह का भेदभाव बहुत दु:खदाई है।
जयराम ठाकुर ने प्रदेश में बेकाबू होते माफिया और ध्वस्त होती कानून व्यवस्था के मुद्दे पर बोलते हुए कहा कि विभिन्न प्रकार के माफिया और अवैध खनन के लिए हो रही लड़ाई और अपराध में प्रदेश के नेताओ के नाम पहले दिन से ही सामने आए थे लेकिन अब यह प्रकरण आगे बढ़ रहा है और मुख्यमंत्री इसे दूर से देख रहे हैं। अतीत में भी यह देखने को मिला कि बड़े –बड़े नेता माफिया के सामने बेबस नजर आए और उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग खुले मंचों से की गई। इससे इन माफियायों को मिल रहे सत्ता के संरक्षण का पता चलता है। यह स्थिति न केवल कानून व्यवस्था को चुनौती दे रही है बल्कि प्रदेश की पहचान और संस्कृति के लिए भी खतरा बन रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि अपराधियों, माफिया गतिविधियों और प्रदेश में बढ़ते गन कल्चर पर सख्त और प्रभावी कार्रवाई कर रोक लगाई जाए
