एएम नाथ। बिलासपुर, 06 जनवरी: प्रदेश सरकार के नगर व ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी के निर्देशों पर हिमाचल प्रदेश शहरी विकास प्राधिकरण (हिमुडा) की एक संयुक्त टीम ने आज जिला बिलासपुर में आवासीय नगर विकसित करने की संभावनाओं को लेकर भूमि की तलाश के दृष्टिगत क्षेत्र का दौरा किया। इस टीम ने एम्स के समीप स्थित कोठीपुरा, ओयल तथा औहर क्षेत्रों का मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण किया। इस टीम में हिमुडा के उपाध्यक्ष यशवंत छाछटा, हिमुडा निदेशक मण्डल सदस्य जितेंद्र चंदेल, मुख्य अभियंता सुरेंद्र वशिष्ठ सहित हिमुडा के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
स्थलीय निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मौके पर विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए भूमि की व्यवहारिकता, भविष्य की विस्तार संभावनाओं और नियोजित विकास के दृष्टिगत इन स्थलों का गहनता से अध्ययन किया।
हिमुडा अधिकारियों ने बताया कि निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य भविष्य में बिलासपुर क्षेत्र में बढ़ती आवासीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ऐसी उपयुक्त भूमि का चयन करना रहा, जहां सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं सुनियोजित आवासीय नगर विकसित किया जा सके। टीम द्वारा संभावित स्थलों की भौगोलिक संरचना, भूमि की उपलब्धता, क्षेत्र की कनेक्टिविटी, संपर्क मार्गों की स्थिति तथा बिजली, पेयजल, सड़क और अन्य आधारभूत सुविधाओं की संभावनाओं का विस्तृत तकनीकी आकलन भी किया गया।
उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य आम जनता को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है तथा ऐसे आवासीय नगर विकसित करने की सम्भावनाओं पर कार्य किया जा रहा है, जो आधुनिक शहरी मानकों के अनुरूप हों और भविष्य की आवश्यकताओं को भी पूरा कर सकें। स्थलीय निरीक्षण के दौरान एकत्रित तथ्यों और तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्यवाही अमल में लाई जाएगी, ताकि बिलासपुर क्षेत्र में भी नियोजित आवासीय विकास को आगे बढाया जा सके।
