चंडीगढ़ : पंजाब के चर्चित रंधावा आत्महत्या मामले में एक और बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। राज्य के कैबिनेट मंत्री रहे ललजीत सिंह भुल्लर का इस्तीफा राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने मंजूर कर लिया है।
भुल्लर ने 21 मार्च को अपने पद से इस्तीफा दिया था, जिसे अब औपचारिक स्वीकृति मिल गई है।
गौरतलब है कि पंजाब स्टेट वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के जिला प्रबंधक गगनदीप सिंह रंधावा की 21 मार्च 2026 को हुई आत्महत्या के बाद से ही यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। इस मामले में भुल्लर और उनके परिजनों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिसके चलते राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई थी।
मृतक द्वारा कथित रूप से बनाए गए वीडियो और परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया था। आरोप है कि अधिकारी पर टेंडर प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने का दबाव बनाया जा रहा था और विरोध करने पर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। इन आरोपों के बाद विपक्षी दलों ने सरकार को घेरते हुए भुल्लर के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग की थी।
21 मार्च को छोड़ा था पद
इसी दबाव के बीच भुल्लर ने 21 मार्च को मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। अब राज्यपाल द्वारा इस्तीफा मंजूर किए जाने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि वह औपचारिक रूप से मंत्रिमंडल से बाहर हो चुके हैं।
इस बीच मामले की जांच को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। विपक्ष लगातार इस मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग कर रहा है, जबकि सत्ताधारी पक्ष का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विपक्षीय दल कर रहे सीबीआई की मांग
रंधावा मौत मामले ने पंजाब की राजनीति में उबाल ला दिया है। एक ओर पीड़ित परिवार न्याय की मांग कर रहा है, वहीं दूसरी ओर विभिन्न राजनीतिक दल इसे लेकर आमने-सामने हैं। अब भुल्लर के इस्तीफे पर मुहर लगने के बाद सभी की नजरें जांच की दिशा और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे और कानूनी कदम सामने आ सकते हैं।
पंजाब के चर्चित रंधावा आत्महत्या मामले को लेकर आज संसद में भी हलचल देखने को मिली। कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने यह मुद्दा उठाते हुए मामले की गंभीरता पर जोर दिया और निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि मृतक अधिकारी गगनदीप सिंह रंधावा ने पहले ही दबाव और उत्पीड़न की शिकायतें की थीं, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
इस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सदन को आश्वस्त किया कि मामले की जांच केंद्रीय स्तर पर कराने के लिए सरकार तैयार है। उन्होंने कहा कि यदि औपचारिक अनुरोध प्राप्त होता है, तो जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंपी जा सकती है। जिसके बाद पंजाब के चार सांसदों ने गृह मंत्री अमित शाह का खत लिख मामले की जांच सीबीआई से करवाने की बात कही है।
