माता चिंतपूर्णी मेला 2025: 100 प्रतिशत प्लास्टिक-मुक्त बनाने की पहल – पर्यावरण व आध्यात्मिकता का संगम बनेगा माता चिंतपूर्णी का मेला: डीसी आशिका जैन

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चढ़दा सूरज” अभियान के तहत जिला प्रशासन की ओर से पर्यावरण संरक्षण का अनूठा अभियान

हर लंगर स्टाल में प्रशासन की ओऱ से नियुक्त वालंटियर करेंगे निगरानी

– अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली संस्थाओं और वालंटियरों को किया जाएगा सम्मानित

होशियारपुर/दलजीत अजनोहा : जिला प्रशासन और रेड क्रॉस सोसायटी ने माता चिंतपूर्णी मेले को पर्यावरण के अनुकूल और 100 प्रतिशत प्लास्टिक-मुक्त बनाने के लिए “चढ़दा सूरज” अभियान के अंतर्गत एक नई पहल शुरू की है। यह मेला 25 जुलाई से 4 अगस्त 2025 तक आयोजित होगा। डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन ने इस अभियान की घोषणा करते हुए गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ), समाज सेवकों और व्यक्तिगत चेंजमेकर्स से इस पवित्र मेले को पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक बनाने में सहयोग करने की अपील की है।

 

डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन ने बताया कि माता चिंतपूर्णी मेला हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर का अभिन्न हिस्सा है। इस बार “चढ़दा सूरज” अभियान के तहत मेले को प्लास्टिक प्रदूषण से मुक्त करने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य इस मेले को न केवल आध्यात्मिक रूप से पवित्र बनाना है, बल्कि पर्यावरण की दृष्टि से भी स्वच्छ और शुद्ध रखना है। इस अभियान में सभी एनजीओज, वालंटियरों और समाज के प्रबुद्ध नागरिकों से सक्रिय सहयोग की अपेक्षा की जा रही है।

 

इस अभियान के तहत वालंटियरों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। उनको शिफ्टों के हिसाब से आदमवाल से लेकर होशियापुर सीमा तक लगे लंगरों में नियुक्त किया जाएगा। यह वालंटियर इस दौरान स्टॉल्स और लंगर पंडालों की नियमित सफाई की निगरानी, 100 प्रतिशत प्लास्टिक-मुक्त पंडाल सुनिश्चित करने, श्रद्धालुओं को नो-प्लास्टिक नीति के प्रति जागरूक करने, कचरा प्रबंधन में सहायता करने और 10 दिनों तक सर्वश्रेष्ठ स्टॉल्स की नियमित रिपोर्टिंग करेंगे।

डिप्टी कमिश्नर ने जोर देकर कहा कि वालंटियरों का यह योगदान मेले को पर्यावरण के अनुकूल बनाने में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली संस्थाओं और वालंटियरों को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। सर्वश्रेष्ठ पंडालों और चेंजमेकर्स को प्रमाण पत्र और एक मेगा इवेंट में सम्मान प्रदान किया जाएगा।

आशिका जैन ने कहा कि यह सम्मान न केवल आपके योगदान को सराहेगा, बल्कि दूसरों को भी पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा कि इच्छुक एनजीओ और वालंटियर 23 जुलाई 2025 तक पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकरण के लिए गूगल फार्म (https://docs.google.com/forms/d/1gfjpLMVXytTCrq_tfhMEqQGk42zNLvAUVijM_S_lybI/viewform) भरें या मोबाइल नंबर 7380090643 पर संपर्क करें।

डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन ने सभी से इस अभियान में शामिल होने का आह्वान करते हुए कहा कि माता चिंतपूर्णी के इस पवित्र मेले को स्वच्छ और प्लास्टिक-मुक्त बनाने का यह सुनहरा अवसर है। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर ‘चढ़दा सूरज’ अभियान को सफल बनाएं और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक नई मिसाल कायम करें।

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