एएम नाथ। चम्बा : उपमंडल मुख्यालय सलूणी में निजी बसों को जबरन रोकने और चालक–परिचालकों को धमकाने के आरोपों को लेकर विवाद गहरा गया है। इस मामले में निजी बस मालिक की शिकायत पर 10 लोगों के खिलाफ पुलिस थाना किहार में मुकदमा दर्ज किया गया है, जबकि टैक्सी चालकों ने भी निजी बस मालिक के खिलाफ जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज करवाई है। पुलिस दोनों ही मामलों की जांच में जुट गई है।
निजी बस मालिक मुस्ताक अहमद निवासी मकोली ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी चार निजी बसें विभिन्न रूटों पर संचालित हो रही हैं और वह पिछले 26 वर्षों से इस व्यवसाय से जुड़े हैं। आरोप है कि 8 जनवरी को मनोज कुमार निवासी अहानी सहित नौ अन्य लोगों ने सलूणी चौक पर उनकी दो बसों को जबरन रोक लिया, जिससे उन्हें करीब एक लाख रुपये का नुकसान हुआ। शिकायत के अनुसार आरोपियों ने लगातार मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर वायरल किए, जिनमें अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया और चालक व परिचालक को जान से मारने की धमकियां दी गईं।
इधर, टैक्सी चालकों और आर.टी.ओ. चम्बा के बीच चल रहा विवाद भी थमता नजर नहीं आ रहा है। शुक्रवार को टैक्सी चालकों ने मुख्य चौक से नारेबाजी करते हुए मिनी सचिवालय पहुंचकर एस.डी.एम. सलूणी चंद्रवीर सिंह को ज्ञापन सौंपा। टैक्सी चालकों का आरोप है कि पार्किंग स्थल पर खड़ी टैक्सियों के आर.टी.ओ. द्वारा चालान किए गए और जानकारी लेने पर फोन स्विच ऑफ कर दिया गया। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर आर.टी.ओ. चम्बा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
टैक्सी चालकों का यह भी कहना है कि निजी बस मालिक की शिकायत पर 10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, जबकि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच जरूरी है। इसके बाद टैक्सी चालक पुलिस थाना किहार पहुंचे और निजी बस मालिक के खिलाफ धमकी देने के आरोप में शिकायत दर्ज करवाई।
एस.डी.एम. सलूणी चंद्रवीर सिंह ने बताया कि टैक्सी चालकों का प्रतिनिधिमंडल उनसे मिला है और दिए गए ज्ञापन के आधार पर मामले की जांच की जाएगी।
एस.पी. चम्बा विजय कुमार सकलानी ने पुष्टि की कि निजी बस मालिक की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है, वहीं टैक्सी चालकों की ओर से दी गई शिकायत पर भी कार्रवाई की जाएगी।
आर.टी.ओ. चम्बा राम कुमार ने कहा कि शिकायत मिलने पर नियमों के तहत टैक्सियों के चालान किए गए हैं, जबकि बसों के चालान इसलिए नहीं हो पाए क्योंकि कार्रवाई के दौरान बसें मौके पर उपलब्ध नहीं थीं।
फिलहाल सलूणी में निजी बस मालिकों, टैक्सी चालकों और परिवहन विभाग के बीच चल रहा यह विवाद प्रशासन और पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है।
