सिद्धू दंपती एक बार फिर से राजनीति में सक्रिय : फ्री राशन देने की जरूरत नहीं, बल्कि एजुकेशन का कार्ड और हेल्थ कार्ड बनाए जाएं – नवजोत सिंह सिद्धू

by

 नवजात सिंह सिद्धू दंपती एक बार फिर से राजनीति में सक्रिय हो गए हैं। काफी समय से अमृतसर शहर के लोगों और राजनीति से दूरी के बाद आज नवजोत सिंह सिद्धू अपनी पत्नी नवजोत कौर के साथ प्रेस ब्रीफ की।  नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि उनकी पत्नी अब पूरी तरह से कैंसर जंग जीत चुकी है , उन्होंने एलोपैथी का सारा इलाज किया, लेकिन साथ-साथ आयुर्वेद पर भरोसा रखा। उन्होंने तीन दिन सिर्फ पानी पर पत्नी को रखा। इसके लिए पहले वो खुद करते थे फिर पत्नी को करवाते थे। उन्होंने कहा कि इलाज भारत में हुआ और सरकारी अस्पताल में हुआ। इसलिए वह लोगों को विश्वास दिलाना चाहते हैं कि इलाज कैंसर को पहली स्टेज पर पकड़ लें तो कैंसर बिल्कुल प्रिवेंट हो सकता है।

फ्री राशन नहीं हेल्थ कार्ड बनाए :  नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा सरकार को हर चीज को चेकिंग करनी चाहिए। हर चीज में इस समय मिलावट है। सरकार को सख्त होने की जरूरत है। कोई फ्री राशन देने की जरूरत नहीं है बल्कि एजुकेशन का कार्ड और हेल्थ कार्ड बनाए जाएं, जिससे कि लोग सही से इलाज करवा पाएं और उन्हें बीमारियों की जानकारी मिल सके।  नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि सबसे ज्यादा पोल्यूटेड पानी पीना सबसे ज्यादा नुकसानदेह है। पानी का पीएच लेवल 7 होना चाहिए। 72% शरीर में पानी है। कैंसर एसिडिक शरीर में कैंसर पनपता है। उन्होंने बताया कि किस तरह से आल्मंड मिल्क और कोकोनट मिल्क का प्रयोग करें। अपने घरों से आयल को बदलें, साफ पानी पिएं और बिना कीटनाशक के सब्जियां खाएं। उन्होंने खास तौर पर दो बार कुरकुरे और आइसक्रीम का जिक्र किया। पहले उन्होंने द कपिल शर्मा शो में और अब प्रेस ब्रीफ के दौरान कहा कि उनकी पत्नी पहले बाल्टी भरकर आइसक्रीम खाती थी और रात को ही कुरकुरे खाती थी। लेकिन अब सब बंद किया गया है। जितना हो सके पैकेट चीजों से दूर रहें।

 अमृतसर नहीं छोड़ा  : नवजोत सिंह सिद्धू ने राजनीति के बारे में कहा कि शोज, लाफ्टर चैलेंज, क्रिकेट सब मिलाकर सतंरंगी जीवन जिया है। अब भी वह अपनी बात से पलट नहीं रहे हैं और जो पार्टी हाई कमांड ड्यूटी लगाएगी वह उसे निभाएंगे। उन्होंने कहा कि उन्होंने मंत्रालय छोड़े हैं लेकिन जुबान नहीं छोड़ी है। उन्होंने अमृतसर नहीं छोड़ा है।  उन्होंने कहा कि उन्होंने सोचा कि अगर वह अपना परिवार नहीं संभाल सकते तो वह पूरी दुनिया को कैसे इंसाफ देंगे। सारे ही उसके अपने हैं लेकिन पहले वह अपनी पत्नी को ठीक करने में लगे थे और अब अगर उनकी जर्नी से 10% लोग भी सीख ले पाएं तो वह खुद भाग्यशाली समझेंगे।

जेल के अंदर थे जब पत्नी को कैंसर हुआ, जब पहला ऑपरेशन हुआ तब उन्हें पता चला कि पत्नी कैंसर से पीड़ित हैं। उन्होंने कहा कि डॉक्टर्स ने बिल्कुल उम्मीद छोड़ दी थी। जिसके कारण फिर उन्होंने लगातार रिसर्च शुरू की। उसके बाद जब डॉक्टर ने चांस से मना कर दिया तो उन्होंने डाइट शुरू की। डॉक्टर ने सिर्फ 3% चांस रह गए हैं तो उन्होंने डाइट शुरू की।

दूध, कार्बोहाइड्रेट, रिफाइंड शुगर, मिल्क प्रोडक्ट्स, समोसे जलेबी सब बंद करें  :  उन्होंने कहा कि लोग उनसे कहते थे कि उनके पास करोड़ों हैं आप तो बच जाएंगे, लेकिन दूध, कार्बोहाइड्रेट, रिफाइंड शुगर, मिल्क प्रोडक्ट्स, समोसे जलेबी सब बंद करें। रिफाइंड ऑयल्स सब बंद करें। सवेरे उठकर सबसे पहले गैप दो। शाम 6 से 6.30 खाना खाया। उसके बाद सुबह उठकर 10 बजे गरम पानी नींबू पानी, कच्ची हल्दी, लहसुन और सेब और उसके आधे घंटे बाद नीम के पत्ते, तुलसी लें।सबसे ज्यादा कैंसर की दवा कड़वे और खट्टे तत्व दें। दालचीनी, लौंग, इलायची, हल्का से गुड़ डालकर चाय दें। फिर ब्लू बैरीज या शहतूत, फिर अखरोट और नट्स दें। चुकंदर, गाजर और आंवला। फिर रात को 7 से 7.30 बजे किनौवा दें। उन्होंने कहा कि अगर अपने लाइफ स्टाइल को चेंज करें तो कैंसर को हरा सकते हैं।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
पंजाब , हिमाचल प्रदेश

जवालामुखी में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के साक्षात्कार स्थगित

राकेश शर्मा : देहरा/ तलवाड़ा :  बाल विकास परियोजना अधिकारी देहरा सुशील शर्मा ने बताया कि बाल विकास परियोजना देहरा के अधीन जवालामुखी उपमंडल में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के तीन और सहायिका के 17 पद...
article-image
पंजाब

हाईकोर्ट ने बढ़ाई पूर्व मंत्री गिलजियां की मुश्किलें :

गिलजियां अग्रिम जमानत के लिए लोअर कोर्ट जाएं : हाईकोर्ट चंडीगढ़ : हाईकोर्ट की तरफ से पूर्व कांग्रेसी मंत्री संगत सिंह गिलजियां को कोई राहत न मिलने पर उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। वर्णनीय...
article-image
पंजाब

खालसा कॉलेज में लिबरल आर्ट्स सोसायटी का गठन : मातृभाषा को कभी नहीं भूलना चाहिए – डॉ. कंवलजीत कौर

गढ़शंकर, 4 मार्च: बब्बर अकाली मेमोरियल खालसा कॉलेज गढ़शंकर ने कॉलेज के सामाजिक विज्ञान और भाषा विभाग द्वारा संयुक्त रूप से एक लिबरल आर्ट्स सोसाइटी का गठन किया गया। सोसायटी के उद्घाटन अवसर पर...
article-image
पंजाब

हिमाचल में विकास की ‘सुरंग’ …जब तरक्की ने उजाड़ दिए आशियाने…

एएम नाथ। शिमला : हिमाचल प्रदेश में विकास के नाम पर बन रही सुरंगें आज प्रगति का प्रतीक नहीं, बल्कि आम लोगों के लिए भय और असुरक्षा का कारण बनती जा रही हैं। जिस...
Translate »
error: Content is protected !!