सीबीआई ने 7 लोगों को गिरफ्तार किया…छात्रवृति हड़पने के इन पर हर आरोप

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शिमला।  250 करोड़ रुपये के छात्रवृति घोटाले में सीबीआई ने 7 लोगों को गिरफ्तार कर लिया  है।   हिमाचल हाईकोर्ट ने मामले में धीमी जांच पर नारागजी जताने के बाद सीबीआई हरकत में आई  और जल्द कोर्ट में  सीबीआई  को स्टेटस रिपोर्ट दायर करनी है।
इससे पहले भी सीबीआई ने 5 निजी शिक्षण संस्थानों के प्रबंधक रजिस्ट्रार समेत अन्य कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया था  छात्रवृति घोटाले को लेकर मई 2019 में एफआईआर दर्ज की गई थी। घोटाले में संलिप्त 27 संस्थानों में से 19 हिमाचल व 8 प्रदेश से बाहर के हैं। अब घोटाले में नए-नए व चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। सीबीआई ने आईटीएफटी न्यू चंडीगढ़ के गुलशन शर्मा, काला अंब स्थित हिमालयन ग्रुप आफ प्रोफेशनल इंस्टीच्यूट के विकास बंसल, एपैक्स संस्थान इंद्री करनाल के रजनीश, आईसीएल संस्थान अंबाला के संजीव प्रभाकर, रजिस्ट्रार लेफ्टिनेंट कर्नल जोगेन्द्र सिंह, हिमालयन ग्रुप आफ प्रोफेशनल इंस्टीच्यूट काला अंब के रजिस्ट्रार पन्ना लाल शिवेन्द्र को गिरफ्तार किया है। इनका नाम छात्रवृति घोटाले से जोडक़र देखा जा रहा है।
पंजाब, हरियाणा और नाहन से आरोपी पकड़े :
सीबीआई को घोटाले में इनकी संलिप्ता के सबूत मिले हैं।  इन सभी को पंजाब, हरियाणा और हिमाचल के नाहन से गिरफ्तार किया गया है। इन पर आरोप है कि इनकी मदद से राष्ट्रीयकृत बैंकों की मिलीभगत से करोड़ं रुपये के भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया है। सैकड़ों पात्र बच्चों की सबसिडी  हड़पी गई । निजी संस्थान संचालकों ने राज्य के बाहर बैंकों की मदद से इस फर्जीवाड़े को अंजाम था।
छात्रों से बैंक में लेकर हड़पी गई राशि :
छात्रों से खाली चेक लेकर प्रबंधकों ने छात्रवृति का पैसा हड़पा है। छात्रवृति हड़पने वाले संस्थानों में आईटीएफटी, हिमालय, नाइलेट, केसी पड़ोगा व ऊना, सुखविन्द्र ग्रुप, विद्या ज्योति, पवाबा खरड़ आदि शामिल हैं। स्कालरशिप की राशि डकारने के लिए एससी छात्रों के फर्जी प्रमाणपत्र बनाए गए थे।
सीबीआई सूत्रों की मानें तो कुछ संस्थानों ने उन छात्रों के दस्तावेजों को भी अपने पास रख लिया, जिनको काउंसलिंग के बाद एडमिशन नहीं मिली। ऐसे बच्चो के नाम पर भी निजी संस्थानों ने छात्रवृति को हड़पा है। जो छात्र दूसरे संस्थानों के लिए माइग्रेट हुए हैं, उनके दस्तावेजों के जरिए भी कुछ संस्थानों ने सबसिडी हजम की है।
प्रवर्तन निदेशालय अटैच कर चुका संपत्ति:
छात्रवृति घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गत दिनों पंजाब के एक संस्थान की करीब 4.50 करोड़ की संपत्ति को भी अटैच किया था। संस्थान का हिमाचल के ऊना में भी अध्ययन केंद्र है। संस्थान पर 800 से अधिक छात्रों की छात्रवृति हड़पने का आरोप

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