बद्दी, 29 जनवरी : बद्दी के संडोली में बन रहे हिम चंडीगढ़ टाउनशिप का दून की पंचायतों के लोगों ने विरोध किया है। किसानों ने बरोटीवाला चौक से एसडीएम कार्यालय तक सरकार के खिलाफ रोष रैली निकाली और जमकर नारेबाजी की। इसके पूर्व बद्दी के शीतलपुर में इसको लेकर एक बैठक हुई जिसमें उन्होंने किसानों ने रणनीति तैयार की गई। किसानों ने एसडीएम के अनुपस्थिति में कार्यालय अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा है। इसमें उन्होंने एक बिस्वा जमीन भी न देने की बात कही है। अगर सरकार जबरन किसानों की जमीन लेती है तो अदालत का दरवाजा खटखटाया जाएगा। किसानों ने इस दौरान सरकार के खिलाफ प्रदर्शन भी किया।
संघर्ष समिति के अध्यक्ष भाग सिंह कुंडलस ने कहा कि सरकार पहले सत्र में सरकारी भूमि को अधिग्रहण कर रही है। अभी तक 3242 बीघा जमीन को अधिग्रहण करने का काम चला हुआ है। यह जमीन भी यहां के किसानों ने भी बचा कर रखी थी। बीबीएन में एक मात्र शीतलपुर से खोल बेली तक है उस पर सरकार अपने कंकरीट में तब्दील करने में लगी है और इसके लिए किस भी किसान को विश्वास में नहीं लिया है।
कृष्ण कुमार ने कहा कि किसानों की जमीन पहले ही रेलवे व फोरलेन में चली गई है। अब बची हुई जमीन को जबरन करना चाहती है जिसके लिए कोई भी किसान तैयार नहीं है। सरकार ने पहले यहां पर हो हाउसिंग बोर्ड कालोनी बनाई है। उसमें लोगों को सुविधा नहीं दे पाई। मधाला में प्लाट खाली पड़े हैं। वहां पर जो लोग रह रहे है उन्हें मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही। बेहतर यह होगा कि नई टाउनशिप बनाने से पहले पहले से बनी कॉलोनियों को डेवलप किया जाए।
संजीव कौशल ने कहा कि वह जमीन को किसी भी कीमत पर नहीं बेचेंगे। शामलात जमीन पर किसानों की ओर से तैयार किए गए पेड़ों को किसी भी नहीं कटने दिया जाएगा। सरकार बाहर के लोगों को बसाने के लिए अपने लोगों को उजाड़ने का कार्य कर रही है। वह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एसडीएम व तहसीलदार की अनुपस्थिति में कार्यालय अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा गया। उन्होंने बताया कि अभी पहले सत्र में 3242 बीघा सरकारी जमीन को अधिग्रहण करने की कार्य चल रहा है। अभी बात चल रही। इसमें 50 फीसदी को छोड़ दिया जाएगा।
इस मौके पर संयुक्त ग्रामीण संघर्ष समेति के अध्यक्ष भाग सिंह, गगन संह, पवन कुमार, अवतार सिंह, चरण दास ,मान सिंह, चिंतन कुमार, हेमराज, सिमरन जीत सिंह, कृष्ण कुमार कौघस, चरण शिवेश संह, सचिव कुमार, बाबू राम, भाग सिंह, राम कुमार, देवीराम, नरेश कुमार, गुरनाम सिंह, तरसेम लाल, गुरदयाल सिंह, कुलदीप सिंह समेत सैकड़ों किसान मौजूद रहे।
