1.13 करोड़ पर्यटक इस वर्ष राज्य में आ चुके हैं भ्रमण के लिए : पर्यटन को बढ़ावा देने को बुनियादी ढांचे का निर्माण होगा सुनिश्चित: बाली

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मैकलोडगंज में होटल कारोबारियों के साथ आयोजित की बैठक
धर्मशाला, 26 अगस्त। पर्यटन निगम के अध्यक्ष कैबिनेट रैंक आरएस बाली ने कहा कि राज्य में समग्र पर्यटन बढ़ावा देने के लिए नए बुनियादी ढांचे का निर्माण सुनिश्चित किया जाएगा ताकि पर्यटकों की आमद में बढ़ोतरी हो सके और पर्यटन में स्वरोजगार के अवसर भी मिल सकें।
रविवार देर रात को मैकलोडगंज में होटल एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए पर्यटन निगम के अध्यक्ष आरएस बाली ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार के प्रयासों से हिमाचल प्रदेश में आने वाले पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है तथा इस वर्ष जुलाई, 2024 तक राज्य में 1.13 करोड़ पर्यटक भ्रमण के लिए आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए 696.47 करोड़ रुपये की लागत से 11 परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। इन सभी 11 परियोजनाओं के लिए निविदाएं आमंत्रित कर ली गई हैं। इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य राज्य में पर्यटक की आमद को बढ़ावा जिनका उद्देश्य राज्य में पर्यटकों की आमद को बढ़ावा देना है।
उन्होंने कहा कि पर्यटन, राज्य की अर्थव्यवस्था का प्रमुख क्षेत्र है, जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से हजारों परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करता है। इसलिए उन्होंने कहा कि धर्मशाला में 161.91 करोड़ रुपये की लागत से कन्वेंशन सेंटर का निर्माण किया जा रहा है, पालमपुर और नगरोटा बगवां में सौंदर्यकरण कार्य 95.50 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा, नादौन में वेलनेस सेंटर में निर्माण पर 91.42 करोड़ रुपये व्यय किये जाएंगे। हमीरपुर जिले के बाबा बालकनाथ जी दियोटसिद्ध में पर्यटकों की सुविधा के लिए 65.32 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। नादौन में 64 करोड़ रुपये की लागत से राफ्टिंग कॉम्पलेक्स का विकास, शिमला जिले के बनूटी में 58.37 करोड़ रुपये की लागत से वेलनेस सेंटर का निर्माण, मनाली में 45.25 करोड़ रुपये की लागत से वेलनेस सेंटर, धर्मशाला में 39.51 करोड़ रुपये की लागत से आइस स्केटिंग रिंक एवं रोलर स्केटिंग रिंक का निर्माण, शिमला में 34.85 करोड़ रुपये की लागत से आइस स्केटिंग रिंक एवं रोलर स्केटिंग रिंक का विकास, कुल्लू में 27.76 करोड़ रुपये की लागत से वेलनेस सेंटर का विकास तथा कुल्लू जिले में नग्गर कैसल के जीर्णोद्धार पर 11.57 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पौंग डैम को अंतरराष्ट्रीय स्तर के ‘बर्डज पैराडाइस’ के रूप में विकसित किया जाएगा तथा यह जल क्रीड़ाओं के दृष्टिगत भी उत्कृष्टता का राष्ट्रीय केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि कांगड़ा हवाई अड्डे का विस्तार किया जा रहा है, इससे क्षेत्र में पर्यटकों को आकर्षित करने में प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कांगड़ा जिले को राज्य की पर्यटन राजधानी घोषित किया है तथा यहां आने वाले पर्यटकों की सुविधा के लिए आवश्यक पर्यटन अधोसंरचना का निर्माण किया जा रहा है।

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