एएम नाथ : शिमला। प्रदेश में उद्योग विभाग के माध्यम से 10 हजार हिमाचली युवाओं को औद्योगिक प्रशिक्षण देकर कार्य कुशल बनाया जाएगा। इस पहल के तहत एनएसडीसी व सीएसआर फंड के सहयोग से प्रत्येक ट्रेनी को प्रतिमाह दो हजार रुपये का स्टाइपेंड दिया जाएगा।
प्रदेश में युवाओं के स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए हिम स्टार्टअप योजना तैयार की जाएगी। इसके तहत इच्छुक स्टार्टअप और इन्क्यूवेटर को वित्तीय और गैर वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
इस वित्त वर्ष के दौरान कृषि उत्पादों की वैल्यू चेन व वैल्यू एडिशन को और मजबूत करने के लिए एक जिला तीन उत्पाद कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। इसमें हर जिला तीन विशिष्ट उत्पादों की पहचान करेगा और इन्हें औद्योगिक नीति के अंतर्गत सहायता प्रदान की जाएगी। इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय उत्पादों की खरीद को बढ़ावा देना है। इससे स्थानीय उद्यमों को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण स्तर पर अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी।
सरकार का यह कदम आत्मनिर्भर हिमाचल बनाने में सहायक साबित होगा। प्रदेश में उद्योग स्थापित करने तथा स्टार्टअप ईको सिस्टम को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश सरकार के इन्हीं प्रयासों के फलस्वरूप वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा आयोजित स्टार्टअप रैंकिंग के पांचवें संस्करण में हिमाचल को देश के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल किया है।
हिम एमएसएमई फेस्ट-2026 के सफल आयोजन से प्रदेश में स्टार्टअप ईको सिस्टम और अधिक मजबूत हुआ है। प्रदेश के रेशम उत्पादन को विस्तार प्रदान करने के उद्देश्य से इस वित्त वर्ष में हिम सिल्क मिशन शुरू किया जाएगा। इसके लिए दो करोड़ रुपये के बजट का प्रविधान किया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अतिरिक्त अवसर सृजित होंगे और अनुसूचित जाति के लाभार्थियों को विशेष रूप से शामिल किया जाएगा।
सरकार प्रदेश की भौगोलिक विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए हरित उद्योगों को प्रोत्साहन प्रदान कर रही है। पर्यटन तथा आतिथ्य सत्कार क्षेत्र में निवेश करने के लिए उद्योगपतियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस वर्ष
एक जिला तीन उत्पाद कार्यक्रम को शुरू किया जाएगा। –
