सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद शिक्षा विभाग ने जारी किए आदेश; 2016 से छठे और 2022 से सातवें वेतन आयोग का मिलेगा लाभ
चंडीगढ़। करीब एक दशक से चली आ रही कानूनी लड़ाई के बाद चंडीगढ़ के 862 कार्यरत शिक्षकों को बड़ी वित्तीय राहत मिलने जा रही है। सुप्रीम कोर्ट के 21 अप्रैल के फैसले के अनुपालन में स्कूल शिक्षा विभाग ने इन शिक्षकों को छठे और सातवें वेतन आयोग के बकाया एरियर का भुगतान करने के निर्देश जारी किए हैं। स्कूल शिक्षा विभाग के निदेशक नीतीश सिंगला ने बुधवार को इस संबंध में आदेश जारी किए।
2015 में हुई थी 1149 पदों पर भर्ती
स्कूल शिक्षा विभाग ने अगस्त 2015 में एनटीटी, जेबीटी और टीजीटी के 1149 पदों पर नियमित भर्ती प्रक्रिया पूरी की थी। मई 2017 में भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद चंडीगढ़ प्रशासन ने पूरी भर्ती प्रक्रिया रद्द कर दी थी।
प्रशासन के फैसले के खिलाफ चयनित शिक्षकों ने केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) का रुख किया। कैट ने प्रशासन के फैसले पर रोक लगा दी। इसके बाद शिक्षा विभाग ने कैट के आदेश को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।
सुप्रीम कोर्ट ने भर्ती बहाल रखने का दिया आदेश
लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद सुप्रीम कोर्ट ने 21 अप्रैल को भर्ती को बहाल रखने का आदेश दिया। अदालत के फैसले के बाद विभाग ने कार्यरत शिक्षकों के वेतन और बकाया भुगतान की प्रक्रिया शुरू की है।
2016 से छठे, 2022 से सातवें वेतन आयोग का एरियर
विभागीय आदेश के मुताबिक 862 पात्र शिक्षकों को 1 जनवरी 2016 से छठे वेतन आयोग के संशोधित वेतनमान का एरियर दिया जाएगा। वहीं 1 अप्रैल 2022 से सातवें वेतन आयोग का लाभ और बकाया राशि भी जारी की जाएगी। संबंधित अधिकारियों को वित्तीय गणना पूरी कर भुगतान की प्रक्रिया जल्द शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
पेपर लीक जांच में 52 उम्मीदवारों को नहीं मिली राहत
पेपर लीक मामले की पुलिस जांच में शुरुआत में तीन और बाद में 49 अन्य अभ्यर्थियों के नाम सामने आए थे। कुल 52 उम्मीदवारों को भर्ती में बहाल करने से कैट, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के स्तर पर राहत नहीं मिली।
लंबी कानूनी प्रक्रिया के दौरान कुछ चयनित शिक्षक दूसरे राज्यों में नौकरी करने चले गए, जबकि कुछ विदेश में बस गए। वर्तमान में विभाग में 862 शिक्षक कार्यरत हैं, जिन्हें अब वेतन आयोग के लंबे समय से लंबित एरियर का भुगतान किया जाएगा।
