वर्षभर चलेगा जागरूकता अभियान, प्रत्येक माह अलग विषय पर होंगे कार्यक्रम
एएम नाथ। मंडी, 6 अप्रैल। जिला स्तरीय नार्को समन्वय समिति (NCORD) की बैठक अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी मंडी डॉ मदन कुमार की अध्यक्षता में आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि नशे के व्यापार में संलिप्त लोगों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने पुलिस तथा शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि शिक्षण संस्थानों के आसपास स्थित दुकानों पर विशेष निगरानी रखी जाए और यदि किसी विशेष वस्तु की बिक्री या उपभोग (कंजम्पशन) असामान्य रूप से अधिक हो, तो उसकी जानकारी तुरंत जिला प्रशासन को उपलब्ध करवाई जाए।

बैठक में हमीरपुर में टॉफी में चरस मिलाकर बेचने का मामला सामने आने पर ऐसे मामलों पर लगातार निगरानी रखने और समय पर इनपुट उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में नए सत्र के दौरान विद्यार्थियों का प्रवेश हो रहा है, इसलिए नए विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उनकी नियमित निगरानी भी सुनिश्चित की जाए।
एनडीपीएस अधिनियम के मामलों की समीक्षा
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु वर्मा ने बताया कि 1 जनवरी से 31 मार्च तक एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत कुल 81 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 116 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें 110 पुरुष और 6 महिलाएं शामिल हैं। दर्ज मामलों में अफीम डोडा के 3, हेरोइन के 28, चरस के 46 तथा प्रतिबंधित दवाओं के 4 मामले शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि फरवरी माह में 33.127 ग्राम हेरोइन तथा मार्च माह में 177.165 ग्राम हेरोइन जब्त की गई। चरस की बरामदगी फरवरी में 3.803 किलोग्राम तथा मार्च में 10.734 किलोग्राम रही, जबकि जनवरी माह में 138.165 किलोग्राम पोस्त का चूरा भी जब्त किया गया।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान एनडीपीएस अधिनियम के तहत वित्तीय जांच से संबंधित 21 मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि 34 मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं। इनमें से 3 मामलों में आरोपियों की अवैध रूप से अर्जित संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं तथा 2 मामलों में अटैचमेंट की प्रक्रिया जारी है। इसके अतिरिक्त 18 मामलों को पुलिस मुख्यालय के माध्यम से एडवाइजरी बोर्ड को भेजा गया है तथा वर्ष 2026 में अब तक 5 नए मामले प्रेषित किए गए हैं, जिनमें से 4 मामलों में डिटेंशन के आदेश जारी किए जा चुके हैं।

नशे की लत के लक्षणों के प्रति जागरूकता जरूरी
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने कहा कि अभिभावकों और शिक्षकों को विद्यार्थियों में नशे की प्रवृत्ति के संकेतों के प्रति जागरूक रहना चाहिए। नशे से प्रभावित युवाओं में तेज सुगंध वाला परफ्यूम लगाना, आंखें लाल होना, आंखें छिपाना, अकेले रहना, अंधेरे में रहना, बाथरूम में अधिक समय बिताना, घर से बाहर जाने की जिद करना, आंख मिलाकर बात न करना, छुप-छुप कर बात करना, शरीर का वजन अचानक कम होना, कम बोलना, अधिक सोना, मन अस्थिर रहना, गंदा रहना, उंगलियों पर जले के निशान तथा स्कूल से अनुपस्थित रहना जैसे लक्षण हो सकते हैं।
वर्षभर चलेगा नशा जागरूकता अभियान
बैठक में डॉ पवनेश ने आगामी वित्तीय वर्ष में वर्षभर नशा जागरूकता अभियान चलाने के प्रस्तावित कार्यक्रम की जानकारी दी। इस अभियान में उपचार की अपेक्षा रोकथाम और परामर्श को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रत्येक माह एक विशेष विषय निर्धारित कर विद्यार्थियों के बीच स्वास्थ्य कर्मी संवाद करेंगे तथा नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी देंगे।
इस अभियान के तहत स्कूलों, उच्च जोखिम वाले पंचायत क्षेत्रों तथा समुदाय स्तर पर नियमित गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, ताकि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए निरंतर जागरूकता और परामर्श उपलब्ध कराया जा सके।
