निशानदेही, तकसीम और इंतकाल के मामलों का जल्द निपटारा करने के निर्देश, भूमि हस्तांतरण में देरी दूर करने पर जोर
ऊना, 15 अक्टूबर। उपायुक्त जतिन लाल ने राजस्व अधिकारियों को जिले में राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्ती (करेक्शन) के सभी लंबित मामलों का निपटारा 15 दिसंबर तक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का भी इस विषय पर विशेष फोकस है। इसलिए सभी अधिकारी इन मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाएं।
उपायुक्त वीरवार को उपायुक्त कार्यालय में राजस्व अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने निशानदेही, तकसीम और इंतकाल के लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा करने तथा जमाबंदी से संबंधित मामलों की पेंडेंसी कम करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करने और निर्धारित समयसीमा में उनका समाधान सुनिश्चित करने को कहा।
भूमि हस्तांतरण में देरी दूर करें अधिकारी
जतिन लाल ने विभिन्न विभागों की विकास परियोजनाओं और निर्माण कार्यों के लिए भूमि हस्तांतरण की स्थिति की उपमंडलवार समीक्षा की। उन्होंने लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय बैठकें करने के निर्देश दिए, ताकि भूमि हस्तांतरण में देरी के कारण विकास कार्य प्रभावित न हों। पंचायतों की ओर से भूमि हस्तांतरण के लिए भेजे जाने वाले मामलों में खंड विकास अधिकारियों की अनुशंसाएं शामिल करने को भी कहा।
स्वामित्व योजना के कार्य में तेजी लाने के निर्देश
उपायुक्त ने स्वामित्व योजना के तहत जिले के उन सभी महालों के मानचित्र अपलोड करने का कार्य जल्द पूरा करने को कहा, जहां यह प्रक्रिया लंबित है। जिले के 175 पटवार सर्कलों में कार्यरत पटवारियों को योजना के आगामी चरणों के लिए आवश्यक प्रशिक्षण देने तथा उनकी तकनीकी समस्याओं और शंकाओं का समाधान करने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने चूना मार्किंग और ड्रोन मैपिंग का कार्य पूरा होने के बाद अगली प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने पर जोर दिया। खराब स्थिति वाले पटवार भवनों के संबंध में प्रस्ताव भेजने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि आवश्यक धनराशि उपलब्ध करवाने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।
आपदा प्रभावित परिवारों की सहायता की समीक्षा
बैठक में उपायुक्त ने आपदा के कारण पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के लिए विशेष राहत पैकेज के तहत वितरित सहायता राशि की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने भूमिहीन परिवारों को सरकारी व्यवस्था के तहत दो और तीन बिस्वा भूमि उपलब्ध करवाने से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की। इसके अतिरिक्त एसडीएम न्यायालयों में लंबित अतिक्रमण संबंधी मामलों का शीघ्र निपटारा करने के निर्देश दिए।
5 नवंबर से शुरू होगा डेटा संग्रह अभियान
उपायुक्त ने जिला जनगणना पुस्तिका तैयार करने के लिए डेटा संग्रह अभियान की तैयारियों की समीक्षा की। यह अभियान 5 नवंबर से एक माह तक चलेगा। पटवारियों की भूमिका को ध्यान में रखते हुए 27 अक्टूबर को उनके लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त इशांत जसवाल, सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और जिले के अन्य राजस्व अधिकारी उपस्थित रहे।
