दिल्ली में आज केजरीवाल-भगवंत मान समेत शीर्ष नेताओं की बैठक; उम्मीदवारों के चयन और चुनावी रणनीति पर होगा मंथन
चंडीगढ़। पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव में लगातार दूसरी बार सत्ता हासिल करने के लक्ष्य के साथ आम आदमी पार्टी (आप) ने तैयारियां तेज कर दी हैं। चुनाव कार्यक्रम घोषित होने से पहले ही पार्टी उम्मीदवारों के चयन और चुनावी रणनीति पर काम कर रही है। इसी कड़ी में वीरवार को दिल्ली में पार्टी के शीर्ष नेताओं की अहम बैठक बुलाई गई है। इसमें पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल, मुख्यमंत्री भगवंत मान और अन्य वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की संभावना है।
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में संभावित उम्मीदवारों के नामों, चुनाव प्रबंधन और संगठन की तैयारियों पर चर्चा होगी। पार्टी की पहली उम्मीदवार सूची 15 नवंबर से पहले जारी किए जाने की संभावना भी जताई जा रही है। हालांकि, इस संबंध में आप की ओर से अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
मौजूदा विधायकों और नए चेहरों पर हो सकता है मंथन
पार्टी की रणनीति उम्मीदवारों के नाम समय रहते घोषित करने की बताई जा रही है, ताकि उन्हें अपने विधानसभा क्षेत्रों में जनसंपर्क बढ़ाने और संगठनात्मक गतिविधियों के लिए पर्याप्त समय मिल सके। बैठक में मौजूदा विधायकों को दोबारा मौका देने और कुछ सीटों पर नए चेहरों को उतारने जैसे मुद्दों पर भी विचार हो सकता है। हालांकि, इन संभावित चर्चाओं की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
2022 में 92 सीटें जीतकर बनाई थी सरकार
पंजाब की 117 सदस्यीय विधानसभा के 2022 के चुनाव में आप ने 92 सीटों पर जीत दर्ज कर सरकार बनाई थी। पार्टी ने सभी 117 सीटों पर चुनाव लड़ा था। अब 2027 में सत्ता बरकरार रखने के लिए पार्टी के सामने पिछले प्रदर्शन को दोहराने की चुनौती है।
उपचुनावों में भी पार्टी का प्रदर्शन रहा मजबूत
नवंबर 2024 में पंजाब की चार विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में आप ने तीन सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि एक सीट कांग्रेस के खाते में गई थी। इसके बाद नवंबर 2025 में तरनतारन विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में आप उम्मीदवार हरमीत सिंह संधू ने जीत हासिल की थी।
जुलाई 2024 से नवंबर 2025 के बीच हुए सात उपचुनावों में आप ने छह सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि एक सीट पर उसे हार का सामना करना पड़ा। पार्टी इन परिणामों को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से अहम मान रही है।
निर्वाचन आयोग भी चुनावी तैयारियों की समीक्षा में जुटा
दूसरी ओर, निर्वाचन आयोग भी पंजाब में चुनावी व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहा है। मतदाता सूची, कानून-व्यवस्था और मतदान केंद्रों की तैयारियों से जुड़े मुद्दों पर अधिकारियों के साथ बैठकें की गई हैं। चुनावी ड्यूटी से जुड़े कुछ अधिकारियों के तबादलों के निर्देश भी दिए गए हैं।
एक तरफ निर्वाचन आयोग निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहा है, वहीं आप ने उम्मीदवारों के चयन और चुनावी रणनीति पर काम तेज कर दिया है। दिल्ली में होने वाली बैठक के बाद पार्टी की आगामी तैयारियों और उम्मीदवारों की पहली सूची को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
