होशियारपुर/दलजीत अजनोहा : पूर्व कैबिनेट मंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता तीक्ष्ण सूद द्वारा जारी प्रेस नोट में कहा हैं कि इस बार पंजाब ने बाढ़ की भीषण त्रासदी झेली हैं , बहुत से गांवों में बाढ़ का पानी घुसने से हजारों एकड़ फसल तबाह होने से , मकानों, घरेलू समान व मवेशियों का भी लोगो को भारी नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि पंजाब को बाढ़ की आपदा से काफी हद तक बचाया जा सकता था , अगर पंजाब सरकार समय पर उचित कदम उठा कर नालों की सफाई तथा नदियों व नालों के बांधों की मुरम्मत करवाती , जिसके लिए केंद्र सरकार ने 12000 करोड़ आपदा राहत कार्य के आम प्रबंध के लिए भेजे थे। भगवंत मान सरकार ने बाढ़ राहत के लिए भी कोई काम करने की बजाए सिर्फ राजनीति की तथा पंजाब का नुकसान बेबजह इश्तिहारबाजी करके बर्बाद किया। हर साल की तरह भाखड़ा से जो पानी हरियाणा को भेजा जाता तथा उसे रोकने की हटधर्मी करके भी नुकसान पहुंचाया, जिससे समय रहते पानी छोड़ा नहीं जा स्का। इधर जब कि सैकड़ों समाजसेवी संस्थाए बाढ़ राहत कार्यों में जुटी हुई हैं। पंजाब सरकार कि तरफ से पीड़ितों के लिए एक पैसा भी नहीं दिया गया। पंजाब सरकार द्वारा अगर 20000 रुपए प्रति एकड़ की घोषणा कि बात की जाए तो वह भी अनुमानित एक लाख एकड़ फसल के मुआवजे के बदले केवल 200 करोड़ रुपए की राशी होगी, जबकि प्रधानमंत्री नरेंदर मोदी द्वारा पंजाब के गवर्नर, खेतीबाड़ी मंत्री तथा स्वयं के मौके देखने के बाद 1600 करोड़ रुपए की राशी देने की घोषणा की गई हैं , जिससे 1 लाख एकड़ जमीन के बाढ़ पीड़ितों को 80000 रुपए प्रति एकड़ तक मिल सकेगा। सबाल यह हैं कि पंजाब सरकार केंद्र द्वारा भेजा गया धन ईमानदारी से खर्चेगी या पहले की तरह फजूल खर्चे में उड़ाएगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा बाढ़ से ग्रस्त मकानों का प्रधानमंत्री अवास योजना के अंतर्गत पुनर्निर्माण करने, स्कूलों का पुनर्निर्माण श्री स्कूल योजना के अंतर्गत करने, मृतकों के आश्रितों तथा घायलों को 2 लाख 50 हजार देने की घोषणा भी बाढ़ पीड़ितों को भारी राहत पहुंचाएगी। उन्होंने कहा कि इस संकट की घड़ी में भी आम आदमी पार्टी केवल राजनीति कर रही हैं जो कि सर्वथा अनुचित हैं।
