एएम नाथ । शिमला : हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग में कार्यरत दो प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (TGT) को बीएड की डिग्री फर्जी पाए जाने पर बर्खास्त किया है। 16 जुलाई, 2024 को दोनों महिला शिक्षकों को बैच वाइज आधार पर नियुक्ति मिली थी।
इनमें राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कोसरी जिला कांगड़ा में टीजीटी कला शशि बाला व शिमला जिला की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बौर में कार्यरत टीजीटी नॉन मेडिकल सीमा कौंडल शामिल हैं।
हरियाणा से ली थी फर्जी डिग्री
दोनों ने बीएड डिग्री हरियाणा के संस्थान से की है। शिक्षा विभाग की स्क्रीनिंग कमेटी ने डिग्री सहित अन्य दस्तावेज की जांच की तो प्रथम दृष्टया में डिग्रियों पर संशय हुआ। विभाग ने जांच की तो पता चला कि हरियाणा के जिस संस्थान से डिग्री ली है, उसे डिग्री जारी करने का अधिकार ही नहीं था।
दोनों की बीएड की डिग्री हरियाणा काउंसिल ऑफ वोकेशनल ट्रेनिंग हिसार (हरियाणा व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद हिसार) से हुई है। विभाग ने अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा हरियाणा सरकार को पत्र लिखकर इसका स्पष्टीकरण मांगा।
शिक्षा विभाग ने दोनों को किया बर्खास्त : पंचकूला में प्रारंभिक शिक्षा हरियाणा के निदेशक ने बताया कि किसी भी विश्वविद्यालय और संस्थान को संबद्धता युजीसी देता है। जहां तक सरकारी नौकरी के लिए डिग्री की वैधता का मामला है, संबंधित विभाग/बोर्ड द्वारा निर्णय लिया जाता है।
यूजीसी ने अपने जवाब में कहा, डिग्री प्रदान करने का अधिकार किसी केंद्रीय अधिनियम, प्रांतीय अधिनियम या राज्य अधिनियम द्वारा या उसके तहत स्थापित या निगमित विश्वविद्यालय या धारा-3 के तहत विश्वविद्यालय माने जाने वाले संस्थान को ही है।
हरियाणा व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद हिसार संस्थानों की उपरोक्त श्रेणियों में से किसी के अंतर्गत नहीं आता है, जिन्हें डिग्री प्रदान करने का अधिकार है। विभाग ने जांच के बाद दोनों शिक्षिकाओं को नोटिस जारी कर जवाब भी मांगा था। अब विभाग ने इन दोनों को बर्खास्त कर दिया है।
