गुरदासपुर : दोरांगला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आदियां पुलिस चेक पोस्ट पर दो पुलिस मुलाजिमों की गोली मारकर हत्या करने के मामले में जिला पुलिस की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। इस मामले में पहले से गिरफ्तार आरोपित इंद्रजीत सिंह के भाई स्वर्ण सिंह को भी अब नामजद कर गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस के अनुसार जांच के दौरान उसके खिलाफ भी अहम सबूत सामने आए, जिसके आधार पर उसे इस मामले में शामिल किया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार इंद्रजीत सिंह पर पहले से ही इस हत्याकांड के आरोपितों को पनाह देने और उनकी मदद करने के आरोप हैं। इसी जांच के दौरान सामने आया कि उसके भाई स्वर्ण सिंह की भी इस मामले में भूमिका हो सकती है। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।
तीनों को कोर्ट लाया गया : शुक्रवार को पुलिस ने पहले से गिरफ्तार इंद्रजीत सिंह और दिलावर सिंह के साथ स्वर्ण सिंह को भी कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत में पेश किया। अदालत में सरकारी पक्ष की ओर से कहा गया कि मामला बेहद गंभीर है और इसमें अभी कई अहम पहलुओं की जांच बाकी है। इसलिए आरोपितों से गहन पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड जरूरी है। दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने तीनों आरोपितों को छह-छह दिन के पुलिस रिमांड पर भेजने के आदेश दिए। अब पुलिस इनसे पूछताछ कर हत्याकांड से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाने का प्रयास करेगी।
यूएपीए की धाराओं के तहत मामला दर्ज है : गौरतलब है कि गुरदासपुर पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपितों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धाराएं भी लागू की हैं।
इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपित रणजीत सिंह को 25 फरवरी को एक मुठभेड़ में मार गिराने का दावा किया था। हालांकि रणजीत सिंह के परिवार ने पुलिस के इस दावे को चुनौती देते हुए मुठभेड़ को फर्जी बताया है और शव का अंतिम संस्कार करने से भी इनकार कर दिया है। यह मामला अब पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट तक पहुंच चुका है। हाई कोर्ट ने इस मामले में पंजाब सरकार से जवाब तलब करते हुए सुनवाई के लिए 17 मार्च की तारीख तय की है।
