40 स्टार प्रचारक, 100 बैठकें, न जानें क्या-क्या किए जतन, फिर भी कांग्रेस खाली ‘हाथ’

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दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 की वोटिंग 5 फरवरी को पूरी हो गई, और अब सबकी नजरें 8 फरवरी को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं। लेकिन एग्जिट पोल के नतीजे कांग्रेस के लिए निराशाजनक संकेत दे रहे हैं। दिल्ली में एक समय काफी मजबूत मानी जाने वाली कांग्रेस एक बार फिर हार के मुहाने पर खड़ी है।
2015 और 2020 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिली थी, और 2025 में भी कांग्रेस का खाता खुलना मुश्किल लग रहा है। क्योंकि अधिकांश एग्जिट पोल में इस पुरानी पार्टी के लिए राष्ट्रीय राजधानी में निराशाजनक प्रदर्शन की भविष्यवाणी की गई है।
Delhi Exit Poll 2025 – कांग्रेस का फिर होगा सफाया?
क्रमांक एग्जिट पोल       BJP      AAP    Congress
1    पीपुल्स पल्स          51-60    10-19     0
2 चाणक्य स्ट्रैटेजीज     39-44   25-28   2-3
3 टाइम्स नाउ-जेवीसी   39-45   22-31   0-2
4 पी-मार्क                   39-49   21-31     0-1
5 पीपुल्स इनसाइट       40-44   25-29   0-1
6 पोल डायरी                42-50   18-25   0-2
7 माइंड ब्रिंक                 21-25    44-49   0-1
8 सुदर्शन टीवी              34-37   33-36   0-2
9 एसएएस एग्जिट पोल 38-41    27-30   1-3
10 वी-प्रीसाइड              18-23    46-52   0-1
11 डीवी रिसर्च               36-44   26-34   0-0
कुल मिलाकर, लगभग सभी एग्जिट पोल कांग्रेस को 0-3 के बीच ही सीटें दी हैं। सिर्फ दो एग्जिट पोल ने कांग्रेस को तीन सीटें दी हैं। AAP की सीटों में गिरावट का अनुमान, लेकिन BJP को बहुमत मिलने की संभावना।
कांग्रेस ने क्या-क्या किया, फिर भी हार क्यों?
40 स्टार प्रचारक उतारे, 100 से ज्यादा बैठकें कीं
कांग्रेस ने दिल्ली में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए 40 से ज्यादा स्टार प्रचारकों को मैदान में उतारा।
राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे सहित बड़े नेताओं ने 21 से ज्यादा कार्यक्रम किए।
कांग्रेस ने पूरे एक महीने तक ‘न्याय यात्रा’ निकाली, जिसमें सभी 70 विधानसभा सीटों को कवर किया गया।
बीजेपी और आप  पर हमला, लेकिन मुद्दे पकड़ नहीं पाए
कांग्रेस ने बीजेपी और आप दोनों पर जोरदार हमले किए, लेकिन यह मतदाताओं को लुभाने में नाकाम रही।
जनता ने इसे “बीते समय की पार्टी” मानकर इस पर भरोसा नहीं किया।
आप और बीजेपी की लड़ाई में फंसी कांग्रेस
आप और बीजेपी के सीधी टक्कर में कांग्रेस हाशिए पर चली गई।
कांग्रेस के पास कोई मजबूत मुख्यमंत्री चेहरा नहीं था, जिससे लोगों में भरोसा नहीं बन पाया।
युवा और नए वोटर्स कांग्रेस से दूर रहे, जिससे पार्टी को बड़ा नुकसान हुआ।
2015 और 2020 में भी कांग्रेस का सफाया क्यों हुआ?
   क्रमांक वर्ष         AAP      BJP       Congress
1     2015               67         3               0
2    2020               62        8               0
3    2025 (एग्जिट पोल अनुमान) 22-31   39-50     0-2
2015 और 2020 में कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत सकी थी।
2025 में भी एग्जिट पोल के मुताबिक कांग्रेस की हालत वैसी ही रहने वाली है।
क्या कांग्रेस का दिल्ली में भविष्य खत्म?
कांग्रेस के लिए दिल्ली में वापसी करना मुश्किल हो गया है। पार्टी के पास जमीनी स्तर पर मजबूत संगठन नहीं है।  राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के प्रचार के बावजूद, जनता कांग्रेस पर भरोसा नहीं कर रही। अगर कांग्रेस को वापसी करनी है, तो उसे एक नई रणनीति और मजबूत नेतृत्व की जरूरत होगी।
8 फरवरी 2025 – दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे आएंगे।
अगर एग्जिट पोल सही साबित होते हैं, तो दिल्ली में फिर से कांग्रेस का सफाया तय है।
कांग्रेस को 2029 के लोकसभा चुनाव के लिए नई रणनीति बनानी होगी।
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