40 साल में सबसे भीषण बाढ़ : पंजाब में 2.56 लाख लोग बाढ़ की चपेट में , 29 लोगो की हो चुकी मौत, पशु पानी बह रहे, घरों की छतों पर टेंटों में गुजर रहे लोग रातें

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चंडीगढ़ :  पंजाब भीषण बाढ़ से जूझ रहा है। पंजाब के 9 जिले इस समय भीषण बाढ़ की चपेट में है। गेंहू और चावल की उच्च उत्पादकता के कारण पंजाब को भारत अन्नदाता कहा जाता है।

लेकिन अन्नदाता घरों की छतों पर टेंट लगाकर रातें काट रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में सैलाब में पालतू मवेशी दिखाई दे रहे हैं। बहुत जगह तो लोग बेघर हो चुके है। इनमें फाजिल्का, फिरोजपुर, कपूरथला, पठानकोट, तरनतारन, होशियारपुर, मोगा, गुरदासपुर और बरनाला शामिल हैं। जालंधर के लिए भी बाढ़ का अलर्ट जारी किया गया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक 1312 गांव बाढ़ से प्रभावित हो चुके हैं। मीडिया खबरों के मुताबिक वर्षाजनित मामलों में अब तक 29 लोगों की मौत हो चुकी है। पंजाब के विभिन्न जिलों में बाढ़ से कुल 2,56,107 लोग प्रभावित हुए हैं।

 बेघर हुए लोग :  भारी संख्यां में लोगों को अपने घर छोड़ने पर भी मजबूर होना पड़ा है। पंजाब के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के मुताबिक भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति को देखते हुये राज्य के सभी उच्च शिक्षा संस्थान 3 सितंबर तक बंद रहेंगे। पंजाब सरकार के निर्देशों पर जालंधर प्रशासन, नगर निगम और पुलिस विभाग के संयुक्त प्रयासों से प्रभावित क्षेत्रों में बारिश के पानी की जल्द निकासी सुनिश्चित की गई है। अधिकारियों के मुताबिक बाढ़ कंट्रोल रूम में घरों और बेसमेंट में पानी घुसने की शिकायतों से संबंधित 200 से अधिक फोन कॉल आए।

क्यों हो रहा  पंजाब जलमग्न : पंजाब से सटे हुए हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी क्षेत्रों में इस मानसून में लगातार हुई भारी बारिश के कारण नदियां और नाले उफान पर आ गए। इसका असर पंजाब की प्रमुख नदी रावी, व्यास और सतलुज पर भी पड़ा। तीनों नदियों के उफान पर आने से पठानकोट, होशियारपुर, अमृतसर, लुधियाना, मानसा, रूपनगर, बरनाला, बठिंडा, गुरदासपुर, पटियाला, मोहाली और संगरूर जिलों के सैकड़ों गाव बाढ़ से घिर गए।

तीनों सेनाऐं बचाव कार्य में जुटी :  वायुसेना, नौसेना और थलसेना ने 10 टुकड़ियां तैनात की हैं। इनमें से 8 स्टैंडबाय पर हैं, और दो इंजीनियर टुकड़ियां भी तैनात हैं। इसके अलावा भारतीय वायु सेना और थलसेना के लगभग 35 हेलीकॉप्टर बचाव और राहत कार्यों के लिए तैनात किए गए हैं। अतिरिक्त सहायता प्रदान करने के लिए बीएसएफ की टुकड़ियां ज़मीन पर तैनात हैं। उन्होंने बताया कि बचाव कार्यों के लिए कुल 114 नौकाओं के साथ-साथ निकासी और राहत प्रयासों में सहायता के लिए एक सरकारी हेलीकॉप्टर भी तैनात किया गया है।

बांध टूटने से घुसा पानी :  होशियारपुर उपमंडल में, एसडीएम गुरसिमरनजीत कौर ने बताया कि कुकरां सुरक्षा बांध टूटने से आस-पास के इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया है। उन्होंने कहा, “हारटा, खनौरा और राजपुर भैयां गांवों में खेत और सड़कें बाढ़ के पानी में डूबी हुई हैं, और राजपुर भैयां में तालाब ओवरफ्लो हो गया है, जिससे पानी घरों में घुस गया है। सोमवार सुबह सात बजे तक होशियारपुर में 92 मिमी, गढ़शंकर में 77 मिमी, दसूया में 40 मिमी और मुकेरियां में पांच मिमी बारिश दर्ज की।

कहां कितनी मौतें … पंजाब सतलुज, ब्यास और रावी नदियों और उनके जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण मौसमी नालों में आई उफान के कारण भीषण बाढ़ का सामना कर रहा है। अब तक 29 लोगों की मौत में से सबसे अधिक छह पठानकोट जिले से हैं। अमृतसर, बरनाला, होशियारपुर, लुधियाना, मानसा और रूपनगर जिलों में तीन-तीन मौतें हुईं, जबकि बठिंडा, गुरदासपुर, पटियाला, मोहाली और संगरूर में एक-एक मौत हुई। कई जिलों में बाढ़ से कुल 96,061 हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित हुई है।

क्या बोले आपदा  प्रबंधन मंत्री … आपदा प्रबंधन मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने बताया कि राज्य में लगातार बारिश और बाढ़ के कारण व्यापक तबाही हुई है, जिससे लगभग पूरा राज्य प्रभावित हुआ है और मानव जीवन, संपत्ति, फसलों, पशुधन और बुनियादी अवसरंचना को भारी नुकसान पहुंचा है। सरकार इस प्रतिकूल स्थिति से निपटने और प्रभावित नागरिकों को तत्काल राहत प्रदान करने के लिए चौबीसों घंटे अथक प्रयास कर रही है।

उन्होंने बताया कि जिलों से प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार, अब तक कुल 15688 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। गुरदासपुर से 5549, फिरोजपुर से 3321, फाजिल्का से 2049, पठानकोट से 1139, अमृतसर से 1700 और होशियारपुर से 1052 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। इसके अलावा बरनाला से 25, कपूरथला से 515, तरनतारन से 60, मोगा से 115 और मानसा से 163 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। विस्थापित परिवारों को तुरंत आश्रय प्रदान करने के लिए पूरे पंजाब में 129 शिविर स्थापित किए गए हैं। इनमें अमृतसर में 16, बरनाला में 1, फाज़िल्का में 10, फिरोजपुर में आठ, गुरदासपुर में 25, होशियारपुर में 20, कपूरथला में चार, मानसा में एक, मोगा में नौ, पठानकोट में 14, संगरूर में एक और पटियाला ज़िले में 20 सक्रिय शिविर शामिल हैं।

सबसे ज़्यादा प्रभावित गुरदासपुर में 1,45,000 लोग हुये हैं, इसके बाद अमृतसर में 35,000, फिरोज़पुर में 24,015 और फाज़िल्का में 21,562 लोग प्रभावित हुये हैं। पठानकोट में भी 15,053 लोग प्रभावित हुये हैं, जबकि एसएएस नगर और कपूरथला में क्रमशः 7,000 और 5,650 लोग प्रभावित हुये हैं। अन्य प्रभावित जिलों में बरनाला (59), मानसा (163), जालंधर (653), मोगा (800) और होशियारपुर (1152) शामिल हैं।

सरकार ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर :  पंजाब में ब्यास नदी में जलस्तर बढ़ने और लगातार हो रही भारी बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी कर लोगों से सुरक्षित स्थानों पर आने की अपील की है। उपायुक्त अमित कुमार पंचाल ने मंगलवार को बताया कि ऊपरी पहाड़ी क्षेत्रों और स्थानीय स्तर पर लगातार भारी बारिश के कारण ब्यास नदी में जलस्तर बढ़ गया है, जिसके चलते निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोग तुरंत सुरक्षित स्थानों पर आ जाएं।

उन्होंने बताया कि लोगों की जान की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता है, इसलिए प्रभावित क्षेत्रों से लोग सुरक्षित स्थानों पर आएं। उन्होंने बताया कि सेना और एसडीआरएफ की टीमें लगातार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ला रही हैं।

उपायुक्त ने लोगों से यह भी अपील की कि किसी भी प्रकार की सहायता की आवश्यकता होने पर जिला प्रशासन के हेल्पलाइन नंबरों पर तुरंत संपर्क करें। जिला प्रशासन का कंट्रोल रूम नंबर 62800-49331, 01822-231990 और सुल्तानपुर लोधी सब डिवीजन का बाढ़ कंट्रोल रूम 01828-222169 चौबीसों घंटे कार्यरत हैं।

 

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