41 लाख रुपये में हुआ सौदा : अमेरिका जाने की चाह रखने वाले व्यक्ति के लिए डंकी रूट पर व्यवस्था करने वाला एजेंट गिरफ्तार

by
नई दिल्ली। अमेरिका जाने के इच्छुक व्यक्ति को डंकी रूट से भेजने से जुड़े मामले में आइजीआइ थाना पुलिस ने पंजाब के एजेंट को गिरफ्तार किया है। आरोपित का नाम जगजीत सिंह उर्फ जस्सा है।
इस मामले में जिस आरोपित को जगजीत सिंह ने अमेरिका भेजा था, उसे अमेरिका से डिपोर्ट वहां की सरकार पहले ही कर चुकी है। इस मामले की छानबीन जारी है।
आइजीआइ जिला पुलिस की अतिरिक्त आयुक्त उषा रंगनानी ने बताया कि तीन जून की रात पंजाब का रहने वाला एक यात्री नवजोत सिंह अमेरिका से आई उड़ान से एयरपोर्ट पहुंचा। यहां दस्तावेजों की छानबीन में इमिग्रेशन के दौरान पता चला कि उसे डिपोर्ट किया गया है।
पता चला कि नवजोत पिछले साल पांच नवंबर को टूरिस्ट वीजा पर मुंबई एयरपोर्ट से केन्या के लिए रवाना हुआ। फिर वह केन्या से डंकी रूट से अमेरिका में अवैध प्रवेश कर गया। जांच में पाया गया कि उसके पासपोर्ट से छेड़छाड़ की गई थी। यात्री को पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने उसके खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
41 लाख रुपये में हुआ सौदा
एसीपी की देखरेख की देखरेख में इंस्पेक्टर अवधेश कुमार व अन्य की टीम ने नवजोत सिंह से पूछताछ की। पूछताछ में नवजोत सिंह ने बताया कि वह आसानी से पैसा कमाने के लिए विदेश जाना चाहता था। अमेरिका जाने का फैसला करने के बाद उसने वीजा लेने की कोशिश की, लेकिन अंग्रेजी कमजोर होने के कारण वह वीजा नहीं ले पाया।
इसके बाद वह जगजीत सिंह नामक एक एजेंट के संपर्क में आया। जिसने 41 लाख रुपये लेकर अमेरिका में अवैध प्रवेश की सुविधा देने का आश्वासन दिया। यह रकम एजेंट के परिवार के सदस्यों और दोस्तों के बैंक खातों में भुगतान की गई। पुलिस टीम ने एजेंट जगजीत सिंह पर तकनीकी निगरानी बढ़ाई। जिसके जरिए पुलिस ने आरोपित को पटियाला के एक ठिकाने से गिरफ्तार कर लिया।
उसने बताया कि वह दसवीं तक पढ़ा है। जल्द पैसा कमाने के लिए वह एजेंटों के साथ काम करने लगा। यात्रियों के संपर्क करने पर उसने केन्या और मैक्सिको में अपने सहयोगियों से संपर्क किया और यात्री के लिए केन्या, तुर्की, स्पेन और मैक्सिको सहित विभिन्न देशों के माध्यम से यात्रा की व्यवस्था की। पुलिस अन्य एजेंट और ठगी में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
डंकी रूट पर पूरा गिरोह सक्रिय
आरोपित जगजीत से पुलिस को पता चला कि अपने सहयोगियों की मदद से उसने नवजोत सिंह को मुंबई एयरपोर्ट से केन्या की अवैध यात्रा की व्यवस्था की। उसके केन्या में 15 दिनों तक रहने की व्यवस्था की।
वहां से अपने एक सहयोगी की मदद से यात्री के अन्य देशों की यात्रा के लिए उसके पासपोर्ट पर फर्जी शेंगेन वीजा और इमिग्रेशन स्टाम्प की व्यवस्था की। जिसका इस्तेमाल कर यात्री इस्तांबुल और मैड्रिड के रास्ते मैक्सिको पहुंचा।
मैक्सिको में इसके एक सहयोगी ने नवजोत के पांच दिन ठहरने की व्यवस्था की। जहां से वह डंकी रूट से अमेरिका पहुंचा। वहां कुछ दिन रहने के बाद अधिकारियों ने यात्री को पकड़ लिया। उसे पांच माह तक हिरासत में रखने के बाद भारत में निर्वासित कर दिया गया।
Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
पंजाब

इस दिन शपथ ले सकते हैं सांसद अमृतपाल : अमृतपाल की पैरोल के लिए अमृतसर के जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष याचिका दायर

पंजाब सरकार ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर कहा है कि खालिस्तान समर्थक अमृतपाल को सांसद पद की शपथ लेने के लिए पैरोल दी जानी चाहिए।  यूएपीए के तहत गुवाहाटी जेल में...
article-image
पंजाब

जल्दी रजिस्ट्रियों पर लगे प्रतिबंध को हटाया जाए : सोनी

गढ़शंकर । राज्य सरकार की गलत नीतियों की के चलते सरकारी खजाने को रोजाना लाखों रूपये का चूना लग रहा है। यह शब्द आदर्श सौशल वेलफेयर सोसाइटी ( पंजाब) के संस्थापक अध्यक्ष सतीश कुमार...
article-image
पंजाब

आपरेशन प्रहार-2 : 72 घंटों में 3260 व्यक्तियों की गिरफ्तारी, जिसमें 135 पीओ शामिल

चंडीगढ़ : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशानुसार पंजाब को गैंगस्टर मुक्त राज्य बनाने के लिए शुरू की गई ‘गैंगस्टरां ते वार’ मुहिम के हिस्से के रूप में शुरू किए गए ‘ऑपरेशन प्रहार-2’ के...
article-image
पंजाब

भारतीय सेना द्वारा नन्हे योद्धा को सशक्त बनाने की पहल : मास्टर सवर्ण सिंह

जालंधर/दलजीत अजनोहा समर्थन और सशक्तिकरण के एक सौहार्द कदम का परिचय देते हुए, भारतीय सेना के गोल्डन एरो डिवीजन ने नन्हे योद्धा सवर्ण सिंह के भविष्य को संवारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उसके असाधारण साहस और दृढ़ता को देखते हुए, भारतीय सेना ने मास्टर सवर्ण की शिक्षा को पूरी तरह से प्रायोजित करने की प्रतिबद्धता जताई है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वित्तीय बाधाएँ उसके विकास और आकांक्षाओं में बाधा न बनें। फिरोजपुर छावनी में एक विशेष समारोह के दौरान, पश्चिमी कमान के जीओसी-इन-सी, लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार ने मास्टर सवर्ण को व्यक्तिगत रूप से सम्मानित किया,और पंजाब के लोगों के साथ भारतीय सेना के अटूट संबंध और अगली पीढ़ी के प्रति अपनी गहरी जिम्मेदारी की भावना को दर्शाया। यह पहल न केवल देश की सीमाओं की रक्षा करने, बल्कि उसके भविष्य को संवारने की सेना की वचनबद्धता का प्रमाण है। सवर्ण की कहानी देश भर के उन वीरों की याद दिलाती है जो सम्मान और समर्थन के हकदार हैं। इस पहल के तहत, सवर्ण को व्यापक शैक्षिक सहायता सुनिश्चित की जाएगी। भारतीय सेना का गोल्डन एरो डिवीजन, सवर्ण की स्कूली शिक्षा के सभी पहलुओं को, प्रवेश से लेकर शैक्षणिक आवश्यकताओं तक, कवर करेगा। इसका उद्देश्य सवर्ण को उसकी शैक्षिक यात्रा में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए आवश्यक अवसर और संसाधन प्रदान करना है। लेफ्टिनेंट जनरल कटियार ने इस बात पर ज़ोर दिया कि हमारी सेना मास्टर सवर्ण की भविष्य की यात्रा में हर कदम पर उसके साथ खड़ी है, और उन्होंने इस नन्हें योद्धा के उज्जवल भविष्य के निर्माण में इस साझेदारी के महत्व को रेखांकित किया। यह पहल न केवल भारतीय सेना की अपने नागरिकों के कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है, बल्कि करुणा और समर्थन का एक प्रेरक उदाहरण भी प्रस्तुत करती है। Share     
Translate »
error: Content is protected !!