बोह घाटी में फ्लैश फ्लड से भारी नुकसान, प्रशासन ने संभाला मोर्चा
शाहपुर में बादल फटने से मचा हाहाकार, न्यांगल में 15 घरों पर मंडराया खतरा
एएम नाथ। शाहपुर (कांगड़ा) : हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में मंगलवार को भारी बारिश ने जमकर कहर बरपाया। शाहपुर क्षेत्र की बोह घाटी के स्पैडा और गढ़गून गांवों में बादल फटने के बाद आई अचानक बाढ़ और मलबे के तेज बहाव ने भारी तबाही मचा दी। इस घटना में छह मकान बह गए, जबकि कई परिवारों ने समय रहते घरों से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पहाड़ी क्षेत्र में अचानक तेज आवाज के साथ पानी और मलबे का सैलाब आया, जिसने देखते ही देखते कई घरों को अपनी चपेट में ले लिया। कुछ मकानों का पूरी तरह नामोनिशान मिट गया है। घटना के बाद आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों में डर का माहौल है। पहाड़ी और नालों के किनारे बसे कई परिवार सुरक्षा को देखते हुए अपने घरों से बाहर निकल आए हैं।
सूचना मिलते ही प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्र की ओर रवाना हो गईं। राहत और बचाव कार्य के लिए एसडीआरएफ को भी बुलाया गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अभी तक किसी व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं है।
एसडीएम शाहपुर डॉ. गणेश ठाकुर ने बताया कि वह स्वयं मौके के लिए रवाना हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि डिब्बा और मानेड नाला क्षेत्र में भारी भूस्खलन हुआ है, जिससे रास्ते में दिक्कतें आ रही हैं। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
उन्होंने लोगों से अपील की है कि नदी-नालों के पास न जाएं, क्योंकि बारिश के कारण पानी का बहाव बेहद तेज है और हालात कभी भी बिगड़ सकते हैं।
उधर, जवाली क्षेत्र के न्यांगल गांव में भी नाले का रुख बदलने से करीब 15 घर खतरे की जद में आ गए हैं। बाढ़ के पानी से खेतों को भी नुकसान पहुंचा है। हालांकि अब पानी का बहाव कुछ कम हुआ है, लेकिन ग्रामीणों में अभी भी भय बना हुआ है। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन कर रहा है और राहत कार्यों को तेज किया जा रहा है।
