होशियारपुर/दलजीत अज्नोहा : पूर्व कैबिनेट मंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता तीक्ष्ण सूद द्वारा जारी प्रेस नोट में कहा हैं कि आज से 10 वर्ष पूर्व भारत की अंतर्राष्ट्रीय छवि इतनी निम्न दर्जे की थी कि इसे केवल मात्र दूसरे देशों से कर्जा मांगने वाले देश के तौर पर देखा जाता था। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बहुत से ऐसे क्षण भी आये जब भारत की जायज बात भी ना सुनी गई, क्योंकि संयुक्त राष्ट्र संघ के स्थाई सदस्यों यानी अमेरिका, रूस, बिर्टेन, फ्रांस व चीन में से कोई ना कोई देश उठ कर भारत के विरुद्ध अपनी वीटो शक्ति का उपयोग कर देता था व भारत को केवल मनमसोस कर ही सव्र करना पड़ता था , जिस तरह भारतवासियों की प्रभल इच्छा थी कि भारत परमाणु शक्ति युक्त राष्ट्र बने। उसी तरह सबकी यह भी दिली इच्छा थी कि भारत संयुक्त राष्ट्र संघ में स्थाई सदस्यता ग्रहण करके वीटो शक्ति का उपयोग करने वाला देश बने। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कुशल कूटनीति, सम्पर्क तथा संबंधों ने आज साबित कर दिखाया हैं कि भारत भी दुनिया के वीटो शक्ति युक्त 6 देशों में एक होगा। पिछले समय भी भारत को संयुक्त राष्ट्र का स्थाई सदस्य बनाने की लिए प्रयास हुये थे लेकिन चीन या अन्य किसी देश के विरोध के चलते सफलता नहीं मिली परन्तु मोदी सरकार के दौरान अभी हाल ही में हुई सयुक्त राष्ट्र संघ की बैठक में भारत को स्थाई सदस्यता देने का प्रस्ताव भारी बहुमत से पास हो गया हैं। जिसमें से 193 देशों में से 146 देशों ने भारत के पक्ष में वोट दिया। केवल मात्र तुर्की व कुछ खाड़ी के देशों ने विरोध करने की कोशिश की परन्तु उन की तरफ किसी ने ध्यान ही नहीं दिया। सबसे बड़ी बात यह रही कि चीन जैसे परम्परिक धुरंधर विरोधी ने भी खुल कर भारत के पक्ष में वोट किया तथा भारत को संयुक्त राष्ट्र संघ में स्थाई सदस्य्ता वीटो शक्ति के योग्य बनाया। श्री सूद ने कहा एक तरह से मानों तो मोदी सरकार के कार्यकाल में इसे सबसे बड़ी उपलब्धि के तौर पर इतिहास में लिखा जाएगा क्योंकि अब अंतर्राष्ट्रीय मंच पर कोई भी निर्णय भारत की मर्जी के बगैर होना सम्भव नहीं होगा ।
