डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा बढ़ाई जाए : एसोसिएशन

by

IGMC मारपीट मामला, डॉक्टर की बर्खास्ती, रेजिडेंट डॉक्टरों का सामूहिक अवकाश और मरीजों की बढ़ती परेशानी

एएम नाथ। शिमला :  शिमला स्थित इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) इन दिनों गंभीर विवाद का केंद्र बना हुआ है। अस्पताल में मरीज से हुई कथित मारपीट के मामले में प्रदेश सरकार द्वारा आरोपी डॉक्टर राघव को टर्मिनेट किए जाने के बाद रेजिडेंट डॉक्टरों में भारी असंतोष फैल गया है।
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने सरकार के फैसले को एकतरफा बताते हुए कड़ा विरोध जताया। एसोसिएशन का कहना है कि बिना पूरी और निष्पक्ष जांच के किसी डॉक्टर को टर्मिनेट करना न केवल अन्यायपूर्ण है, बल्कि इससे डॉक्टरों के मनोबल पर भी गहरा असर पड़ता है।
डॉक्टरों का तर्क है कि घटना के दिन अस्पताल में भीड़ द्वारा की गई तोड़फोड़, डॉक्टरों को डराने-धमकाने और कार्यस्थल की सुरक्षा में गंभीर चूक जैसे पहलुओं को नजरअंदाज किया गया।
मुख्यमंत्री से मुलाकात
मामले की गंभीरता को देखते हुए रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल आज सुबह मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से उनके शिमला स्थित आवास ओक ओवर पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखीं।
डॉक्टर राघव का टर्मिनेशन तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए।
घटना के दिन अस्पताल में तोड़फोड़ और डॉक्टरों को धमकाने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
IGMC सहित प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा बढ़ाई जाए।
एसोसिएशन के अध्यक्ष सोहेल शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और मामले की दोबारा जांच का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि आज का अवकाश सांकेतिक है और शाम को जनरल हाउस बुलाकर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
वहीं दूसरी ओर, रेजिडेंट डॉक्टरों के सामूहिक अवकाश का सबसे ज्यादा असर मरीजों पर पड़ा है। जानकारी के अनुसार, आज करीब 450 रेजिडेंट डॉक्टर एक साथ छुट्टी पर हैं, जबकि लगभग 50 प्रतिशत डॉक्टर 22 दिसंबर से पहले ही अवकाश पर चल रहे हैं। इसके चलते ओपीडी सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहीं और कई मरीजों को डॉक्टर नहीं मिल सके। दूर-दराज के इलाकों से आए मरीज और उनके परिजन घंटों लाइन में लगने के बावजूद निराश लौटते नजर आए।
मरीजों का कहना है कि डॉक्टरों और सरकार के बीच चल रही इस खींचतान में आम जनता पिस रही है। उनका तर्क है कि चाहे मामला डॉक्टरों की सुरक्षा का हो या प्रशासनिक कार्रवाई का, इसका समाधान इस तरह होना चाहिए कि इलाज बाधित न हो।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

हिमाचल प्रदेश

जिला के विभिन्न स्वास्थ्य खंडों में भरें जाएंगे आशावर्करों के विभिन्न पद

ऊना, 9 सितंबर – स्वास्थ्य विभाग ऊना द्वारा स्वास्थ्य खंड हरोली, अंब, गगरेट, बसदेहड़ा, थानाकलां, नगर पंचायत दौलतपुर चैक, नगर परिषद बसदेहड़ा, संतोषगढ़ व ऊना में शहरी और ग्रामीण आशा वर्करों के विभिन्न पद...
article-image
हिमाचल प्रदेश

पोषक व्यंजनों की प्रदर्शनी के माध्यम से महिलाओ को दी जानकारी

एएम नाथ। चम्बा :   जिला प्रशासन चम्बा एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी अमर सिंह वर्मा के सहयोग से ग्राम पंचायत हरीपुर के पंचायत घर में सम्पूर्णता अभियान और पोषण माह के अंतर्गत एक दिवसीय...
article-image
समाचार , हिमाचल प्रदेश

883 करोड़ रुपये निवेश की 25 परियोजना प्रस्तावों को मंजूरी : मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य एकल खिड़की स्वीकृति एवं अनुश्रवण प्राधिकरण की 30वीं बैठक आयोजित

एएम नाथ। शिमला :  मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज यहां राज्य एकल खिड़की स्वीकृति एवं अनुश्रवण प्राधिकरण की 30वीं बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में नए औद्योगिक उद्यम स्थापित...
article-image
हिमाचल प्रदेश

राज्य सरकार को घेरने के लिए को रणनीति बनाने के लिए : 2 मार्च गुरुवार को शिमला में भाजपा विधायक दल की बैठक

शिमला : भाजपा ने विधानसभा के बजट सत्र में राज्य सरकार को घेरने के लिए को रणनीति बनाने के लिए 2 मार्च गुरुवार को शिमला में विधायक दल की बैठक बुलाई है। यह बैठक...
Translate »
error: Content is protected !!