पटियाला : विदेश भेजने के नाम पर एक परिवार से लाखों रुपये की ठगी और बाद में बेटे को धमकाकर अलग कर देने का मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने बहू सिमरनप्रीत कौर, उसकी मां गुरदीप सिंह और ताया भूपिंदर सिंह, निवासी सेवक कालोनी पटियाला को नामजद किया है।
हालांकि, फिलहाल तीनों आरोपितों की गिरफ्तारी बाकी है और पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
शिकायतकर्ता हरलाभ सिंह निवासी वार्ड नंबर एक, घग्गा ने बताया कि उनके बेटे इंद्रजीत सिंह का विवाह अगस्त 2018 में सिमरनप्रीत कौर के साथ हुआ था। विवाह के बाद सिमरनप्रीत कौर को आस्ट्रेलिया भेजने के लिए शिकायतकर्ता परिवार ने अपनी करीब डेढ़ एकड़ जमीन बेचकर लगभग 22 लाख रुपये खर्च किए।
उन्होंने आरोप लगाया कि सिमरनप्रीत कौर ने शादी से पहले स्वयं को कुंवारी बताकर पीसीसी (पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट) हासिल किया और तथ्यों को छुपाकर विवाह किया। इसके अलावा जब बाद में इंद्रजीत सिंह को आस्ट्रेलिया बुलाया गया, तो वहां पहुंचते ही उसे डराया-धमकाया गया।
साजिश के तहत उससे दूरी बना ली गई। इस दौरान सिमरनप्रीत कौर और उसके परिजनों ने सोने के गहने और अन्य कीमती सामान भी अपने पास रख लिए। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पूरी योजना पहले से बनाई गई थी और शादी के बाद इंद्रजीत सिंह को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर अलग कर दिया गया।
आस्ट्रेलिया में कठिन परिस्थितियों में जीवन गुजार रहा बेटा
हरलाभ सिंह ने नम आंखों से बताया कि उनका बेटा दसवीं पास है और अंग्रेजी भाषा का अधिक ज्ञान न होने के कारण वह आस्ट्रेलिया में बेहद कठिन परिस्थितियों में जीवन गुजार रहा है। उन्होंने बताया कि कोविड काल के दौरान भी वे अपनी बहू को खर्च के लिए लगातार पैसे भेजते रहे, लेकिन बदले में कभी कोई सहयोग नहीं मिला।
हालात बिगड़ने पर बेटे को विदेश बुलाया गया, जहां उसे सहारे की बजाय प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। हरलाभ सिंह ने पुलिस से मांग की है कि नामजद आरोपितों को जल्द गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि उनके बेटे को न्याय मिल सके।
बहू ने सास-ससुर को भी आस्ट्रेलिया का सपना दिखाया
पीड़ित हरलाभ सिंह ने आरोप लगाया कि सिमरनप्रीत कौर को यह भली-भांति पता था कि उनका बेटा कम पढ़ा-लिखा है और अंग्रेजी भाषा में कमजोर है। इसके बावजूद उसने बेटे ही नहीं, बल्कि सास-ससुर को भी आस्ट्रेलिया घुमाने और बसाने के सपने दिखाए। इसी झांसे में आकर परिवार ने लाखों रुपये खर्च कर दिए।
लेकिन विदेश पहुंचते ही बहू का व्यवहार पूरी तरह बदल गया और न तो सास-ससुर को बुलाया गया, न ही बेटे को सहारा मिला। आज हालात यह हैं कि इंद्रजीत सिंह वहां संघर्षपूर्ण जीवन जीने को मजबूर है।
