जिला चंबा में 10वीं व 12वीं के विद्यार्थियों के लिए आयोजित होंगे यूनिट टेस्ट

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टेस्ट में कमजोर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों के लिए शुरू की जाएगी विशेष रेमेडियल कक्षाएं : उपायुक्त चंबा

एएम नाथ। चम्बा : जिला चंबा में छात्रों की शैक्षणिक प्रगति को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कक्षा 10वीं तथा 12वीं के विद्यार्थियों के लिए यूनिट टेस्ट एवं रेमेडियल कक्षाओं का आयोजन किया जाएगा।
यह युनिट टेस्ट नियमित शिक्षण अवधि के दौरान ही आयोजित किए जाएंगे। कक्षा 10वीं के लिए टेस्ट की अवधि 30 मिनट तथा कक्षा 12वीं के लिए 45 मिनट निर्धारित की गई है। यह टेस्ट बोर्ड परीक्षा पैटर्न एवं अंकन योजना के अनुसार होगा। यह जानकारी उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने आज यहां दी। उन्होंने बताया कि यह पहला विकास महाजन उपनिदेशक शिक्षा विभाग से चर्चा के उपरांत आरंभ की गई है तथा जिला के समस्त विद्यालयों को इस संबंध में सभी आवश्यक दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
उपायुक्त ने बताया कि शीतकालीन स्कूलों में यूनिट टेस्ट ऑनलाइन माध्यम से जबकि ग्रीष्मकालीन स्कूलों में ऑफलाइन माध्यम से आयोजित किए जाएंगे। प्रश्न पत्र टेस्ट से एक दिन पूर्व उपनिदेशक शिक्षा विभाग चंबा कार्यालय द्वारा ई-मेल से भेजे जाएंगे, जबकि वैकल्पिक विषयों के प्रश्न पत्र संबंधित स्कूल स्वयं तैयार करेंगे।
टेस्ट समाप्त होने के उपरांत उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया जाएगा तथा अगले दिन विद्यार्थियों को उत्तर पुस्तिकाएं दिखाकर सही उत्तरों पर चर्चा की जाएगी। प्रदर्शन के आधार पर छात्रों को दो वर्गों में बांटा जाएगा। कमजोर प्रदर्शन करने वाले ग्रीष्मकालीन स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए रेमेडियल कक्षाएं आयोजित की जाएंगी। रेमेडियल कक्षाएं 19 जनवरी 2026 से प्रतिदिन सुबह 8:50 से 9:30 बजे तक संचालित होंगी। विशेष कक्षाएं प्रत्येक विषय की सप्ताह में दो दिन लगेंगी। इनमें कक्षा 12वीं के लिए विज्ञान, कला एवं वाणिज्य से संबंधित विषयों तथा कक्षा 10वीं के लिए गणित, विज्ञान एवं अंग्रेजी विषय शामिल होंगे।
उपायुक्त ने बताया कि ग्रीष्मकालीन स्कूलों के सभी शैक्षणिक रिकॉर्ड जिला कार्यक्रम अधिकारी समग्र शिक्षा के पास रखे जाएंगे, जबकि इस संबंध मे शीतकालीन स्कूलों के सभी रिकॉर्ड संबंधित विषय के अध्यापक द्वारा विद्यालय के प्रधानाचार्य के पास जमा करवाए जाएंगे। इस पहल का प्रमुख उद्देश्य शीतकालीन अवकाश के दौरान परीक्षा-उन्मुखी तैयारी को सुदृढ़ करना तथा छात्रों की अवधारणात्मक स्पष्टता एवं प्रदर्शन, नियमित अभ्यास, संदेह निवारण तथा परीक्षा उन्मुखी बनाना है ताकि आगामी बोर्ड परीक्षाओं सभी विद्यार्थी बिना किसी दबाव के उत्तीर्ण होकर अपने भविष्य में आगे बढ़ सकें।

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