चंडीगढ़ : गुरु ग्रंथ साहिब के 328 लापता स्वरूपों में से 169 को एसआईटी ने नवांशहर के बंगा स्थित एक डेरे में ढूंढ निकाला है। यह जानकारी खुद सीएम भगवंत मान ने दी है। उन्होंने बताया कि स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने गुरु ग्रंथ साहिब के गायब 328 स्वरूपों में से 169 का पता लगा लिया है। यह नवांशहर के बंगा के एक डेरे में मौजूद हैं। इनमें से 139 पावन स्वरूपों का कोई भी रिकॉर्ड मौजूद नहीं है। सिर्फ 30 पावन स्वरूपों का ही रिकॉर्ड उपलब्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इसको हम अपनी कोई प्राप्ति नहीं मानते, यह तो हमारी ड्यूटी है। उन्होंने यह खुलासा उस समय किया है, जब उन्हें 15 जनवरी को श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार के सामने उनके कार्यालय में पेश होना है। उन पर गोलक के प्रति बरते जाने वाले अपशब्दों के अलावा गुरुओं की फोटो का अपमान करने का भी आरोप है। इसको लेकर उन्हें गुरुवार, 15 जनवरी को स्पष्टीकरण देना है।
बता दें, दो दिन पहले दैनिक जागरण में यह खबर प्रकाशित कर दी गई थी कि पांच दर्जन के करीब गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूप एसआईटी को मिल गए हैं और ये मर्यादा के अनुसार सुशोभित नहीं हैं। इनको लाने के लिए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की सहायता ली जाएगी और उनकी देखरेख में ये रखे जाएंगे।
हालांकि, एसआईटी के एक सदस्य ने कहा कि यह सही नहीं है और गलत है। उन्होंने इसे सेल्फ इनपुट बताते हुए कहा कि एसआईटी के हाथ ऐसा कुछ नहीं है। हम जांच में लगे हुए हैं, लेकिन आज मुख्यमंत्री ने मुक्तसर में स्पष्ट कर दिया कि बंगा के एक डेरे में 169 पावन स्वरूप मिल गए हैं।
गौरतलब है कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 328 स्वरूपों के लापता होने का मामला सामने आया था, जिसकी जांच के लिए श्री अकाल तख्त साहिब के तत्कालीन कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने एक कमेटी का गठन करके जांच के आदेश दिए। जांच कमेटी के प्रमुख इशर सिंह ने 2020 में इसकी जांच रिपोर्ट आ गई, जिसमें 16 लोगों को इसका दोषी ठहराया गया।
इनमें से दो की मौत हो चुकी है और कुछ को एसजीपीसी ने बर्खास्त कर दिया। लेकिन गायब स्वरूपों के बारे में कमेटी ने कोई कार्रवाई नहीं की। सरकार ने अब इस मामले में एसआईटी का गठन करके जांच शुरू कर दी है, जिसको यह पहली सफलता मिलती नजर आ रही है।
श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पावन स्वरूपों के मामले में एसआईटी ने एसजीपीसी के पूर्व सीए सतिंदर सिंह कोहली को भी हिरासत में लिया हुआ है। अब यह मामला आम आदमी पार्टी और शिरोमणि अकाली दल के बीच आरोप-प्रत्यारोप का भी मुद्दा बना हुआ है।
