अमृतसर : अमृतसर स्थित एक मंदिर पर हुए ग्रेनेड हमले की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पंजाब के सीमावर्ती जिलों अमृतसर, तरनतारन और गुरदासपुर में बड़े पैमाने पर छापेमारी की।
यह अभियान कुल दस स्थानों पर चलाया गया, जिसके दौरान एनआईए ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया और तीन हैंड ग्रेनेड व एक पिस्तौल बरामद किए।
एनआईए के अनुसार, अमृतसर मंदिर पर ग्रेनेड हमले को दो व्यक्तियों, विशाल और गुरसिदक ने मिलकर अंजाम दिया था। जांच में यह भी सामने आया कि दोनों आरोपियों को विस्फोटक सामग्री गुरदासपुर जिले के शरणजीत कुमार ने उपलब्ध करवाई थी। विशाल को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि गुरसिदक की मौत हो चुकी है।
शरणजीत की गिरफ्तारी
हमले के बाद शरणजीत झारखंड और बिहार भाग गया था, जहां सितंबर 2025 में एनआईए ने उसे गिरफ्तार किया। जांच में खुलासा हुआ कि शरणजीत को विदेशी हैंडलरों से हथियार और ग्रेनेड की आपूर्ति मिली थी। उसके कब्जे से तीन हैंड ग्रेनेड और एक पिस्तौल बरामद हुई, जिसे गुरदासपुर जिले के एक स्थान से जब्त किया गया।
हमले का उद्देश्य और तरीका
एनआईए की जांच के अनुसार, 14 मार्च 2025 की रात अमृतसर के शेर शाह रोड स्थित खंडवाला इलाके में ठकुर द्वारा सनातन मंदिर के बाहर ग्रेनेड फेंककर हमला किया गया। जांच में यह पता चला कि यह हमला विदेशी-आधारित हैंडलरों के निर्देश पर किया गया था, जिनका मकसद पंजाब में आतंक फैलाना और सांप्रदायिक सौहार्द को भंग करना था। यह हमला राज्य में सक्रिय अलग-अलग आतंकवादी संगठनों की ग्रेनेड हमलों की श्रृंखला का हिस्सा था।
युवाओं को कर रहे हैं अपने जाल में शामिल
जांच में यह भी सामने आया कि विदेशी हैंडलर भारत में युवाओं की भर्ती कर उन्हें आर्थिक सहायता और हथियार उपलब्ध करवा रहे थे, ताकि वे इस तरह की आतंकी घटनाओं को अंजाम दें। एनआईए इस मामले की जांच RC-08/2025/NIA/DLI के तहत कर रही है।
एनआईए की इस बड़ी कार्रवाई से उम्मीद जताई जा रही है कि पंजाब में आतंकवाद के खतरे को काफी हद तक रोका जा सकेगा और स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी।
